राजस्व विभाग में नहीं कटा डिजिटल नक्शा, सड़क किनारे की जमीन पर कब्जा शुरू

लाल पहाड़ी में खसरा नंबर 209 का नक्शा कटने बिना ही निर्माण के बाद राजस्व विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल.

By: raghavendra chaturvedi

Updated: 21 Jul 2021, 05:24 PM IST

कटनी. लाल पहाड़ी की सरकारी जमीन खसरा नंबर 209 और उसके अलग-अलग सभी बटांकन के सरकारी होने के साथ ही सिर्फ एक नंबर 209/5 के निजी हो जाने के बाद अब कथित निजी जमीन की मौजूदा स्थिति सवालों में है। राजस्व विभाग की वेबसाइड पर डिजिटल नक्शा में खसरा नंबर 209 का बटांकन नहीं है। ऐसे में कथित निजी खसरा नंबर 209/5 के बरगवां में मुख्य मार्ग के किनारे होने पर सवाल उठ रहे हैं।

बतादें कि यहां मुख्य मार्ग के किनारे खसरा नंबर 209/5 को बताकर लगातार बाक्साइड खनिज का खनन कर लाल पहाड़ी का समतलीकरण किया जा रहा है। इस मामले में शिकायत के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी कार्रवाई के हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इस बारे में तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव बताते हैं कि लाल पहाड़ी में खसरा नंबर 209/5 मुख्य मार्ग के किनारे कैसे है, इस बारे में रिकॉर्ड देखकर पता करते हैं।

बटांकन के अनुरुप नहीं कब्जा, जांच की मांग
राजस्व विभाग के जानकार बताते हैं कि जमीन का बटांकन और कब्जा अमूमन क्रम से होता है। विवादित स्थल के समीप भाजपा कार्यालय खसरा नंबर 209/3 में लीज पर बनी है। जानकार बताते हैं कि 209/3 का समीपी क्रम 209/4 या 209/2 होना चाहिए। ऐसे में भाजपा कार्यालय के समीप ही 209/5 को मुख्य मार्ग के किनारे बताकर कब्जा किया जा रहा है। नागरिकों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भी उठा चुके हैं सवाल, एक भाजपा नेता के इशारे पर दबा मामला!
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और स्थानीय सांसद वीडी शर्मा एक जुलाई को कटनी प्रवास के दौरान लाल पहाड़ी मामले की जांच करवाए जाने की बात कह चुके हैं। इधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी प्रशासन के अधिकारी जांच ठंडे बस्ते में डाल दिए हैं। शहर में चर्चा इस बात की भी है कि एक भाजपा नेता ने इस पूरे मामले में कार्रवाई दबाए रहने का पूरी क्षमता से दावा कर रहे हैं।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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