अंबे मैया भूल न जाना, अगले साल फिर से आना...

कृत्रिम कुंडों में हुआ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन, देरशाम से सुबह तक कुंड में विसॢजत हुई प्रतिमाएं, रात में चौपाटी व माधवनगर में हुआ रावण का दहन, गीतों की धुन पर जमकर थिरकीं युवाओं की टोलियां, जगह-जगह भजन संध्या का हुआ आयोजन, शहर से लेकर गांव तक रही पर्व की धूम

By: balmeek pandey

Published: 28 Oct 2020, 08:36 PM IST

कटनी. वैश्विक महामारी कोराना वायरस के चलते इस साल दशहरा पर्व सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। सोमवार को देरशाम से लेकर भोर तक प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम जारी रहा। मंगलवार को दिन में प्रतिमाएं कटनी नदी घाट में बने कृत्रिम कुंडों में विसर्जित हुईं। सोमवार की शाम देवी प्रतिमाओं का पूजन के बाद विसर्जन जुलूस अलग-अलग प्रारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों, गीतों की धुनों में थिरकती युवाओं की टोलियोंं के साथ जुलूस शहर के विभिन्न तिराहों-चौराओं व दुर्गा पंडालों से प्रारंभ हुआ। सुभाष चौक, झंडाबाजार, शेर चौक, आजाद चौक होते हुए कटनी नदी के गाटरघाट, मसुरहा घाट रपटा आदि चिन्हित 11 स्थानों पर पहुंचा, जहां बनाए गए कुंडों में प्रशासन ने प्रतिमाओं का विसर्जन कराया। शहर से लेकर गांव तक दशहरा पर्व की धूम रही। जुलूस में श्रद्धालु मातारानी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। दुर्गा मैया भूल न जाना, अगले साल फिर से आना के जयघोष के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। मातारानी को विदा करते वक्त कई श्रद्धालु भाव विभोर दिखे तो कई कि आंखें नम हो गईं। दशहरा के दूसरे दिन मंगलवार को भी शहर में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जारी है। बैंड बाजे की धुन पर नृत्य करते हुए युवक और युवती प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं। कोतवाली पुलिस लाइन परिसर में स्थापित प्रतिमा का विसर्जन जुलूस निकाला गया।

चौपाटी व माधवनगर में रावण दहन
श्री बजरंग उत्सव समिति के द्वारा चौपाटी में रावण दहन किया गया। इस दौरान निवर्तमान महापौर शशांक श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष पीताम्बर टोपनानी, आशीष गुप्ता, दीपक टंडन, रवि खरे, मि_ूलाल जैन मयंक गुप्ता आदि मौजूद रहे। इसी तरह माधवनगर रामलीला ग्राउंड में भी कार्यक्रम हुआ। प्रथम चरण में भाजपा जिलाध्यक्ष रामरतन पायल, समाजसेवी गंगा राम कटारिया, चेतन हिंदुजा पीतांबर टोपनानी, निवर्तमान शशांक श्रीवास्तव, झम्मटमल ठारवानी आदि का माधवनगर रामलीला कमेटी ने सम्मान किया। श्री बजरंग बाल रामायण समाज के संचालक नंदू गुप्ता एवं उनके साथियों द्वारा रावण दहन के पूर्व सुंदरकांड का पाठ कर सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद रावण दहन किया गया।

कहीं नाच रहीं थी काली, कहीं पंडा खेल रहे थे भाव
उमरियापान. देवी स्थानों और दुर्गा पंडालों में बोए गए जवारों का विसर्जन पूजा अर्चना करने के बाद किया गया। माता के भक्त बाना छेदकर चल रहे थे तो कोई काली बनकर जलता हुआ खप्पर हाथों पर लेकर जवारों के आगे-आगे नाचते चलते रहे। उमरियापान की क्यूली तलैया और पुरैना तालाब में पूजन अर्चन के बाद जवारों को विसर्जित किया गया। इस दौरान नायब तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे, उमरियापान थाना प्रभारी गणेश प्रसाद विश्वकर्मा पुलिस और राजस्व अमले के साथ अलर्ट रहे।

न बने काली न पहुंचे देव-दिवाले
पिपरिया सहलावन. कोरोना महामारी के चलते प्रशासन की रोक पर इस साल का दशहरा फीका रहा, गांव में हर साल होने वाला रामलीला भी नहीं हुआ। मढिय़ा में जवारे कलश बिना ग्राम भ्रमण के विसर्जित किए गए। काली-खप्पर नृत्य भी नीं हुआ। अकेले पंडा ने जाकर गांव के सभी देव-देवालयों से भेंट लेने का काम किया। वनमीं तिथि पर दुर्गा पंडालों में पूर्णाहुति हुई। पूजा कर लोगों ने महामारी समाप्त करने कामना की। भंडारे की जगह कन्याभोज और प्रसाद वितरण किया गया।

आस्था के प्रतीक जवारों का विर्सजन
सिलौडी. विजय दशमी की सुबह सिलौंडी एवं आस पास के क्षेत्रीय गांवों वीरासन माता कचनारी, कछारगांव बड़ा, महादेवी माता दशरमन, मां कंकाली कुंसरी, नेगई, अतरसूमा, धनवाहि, डाला, खम्हरिया, तिलमन, सिमरिया, घाना बम्होरी ग्रामों के देवी पंडालों में हवन कन्या पूजन हुआ। माता रानी की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। आस्था के प्रतीक जवारों का विसर्जन किया गया।

कन्हवारा में हुआ विसर्जन
कन्हवारा. कोविड-19 का पालन करते हुए लोगों ने 10 लोगों का समूह बनाकर मां दुर्गा का विसर्जन किया। साथ ही सब लोगों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि कोराना को हराना है।

निवार में विसर्जन
निवार. निवार में भी सागदी पूर्ण तरीके से दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। दशहरा धूमधाम से ने होने के कारण व्यापारी निराश रहे। जुलूस में सुरक्षा को लेकर चौकी प्रभारी राखी पांडे, केशव दुबे, आशीष की निगरानी में शांतिपूर्वक ढोल, नगाड़ा, डीजे के बिना दुर्गा विसर्जन किया गया।

दुर्गा प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन
उमरियापान. उमरियापान के बड़ी माई मंदिर, झंडा चौक, चण्डी माता मंदिर, कटरा बाजार, कुदवारी मोहल्ला, न्यू बस स्टैंड, अंधेली बाग, नई बस्ती सहित अन्य स्थानों पर विराजी माता की झांकी शाम को नगर भ्रमण के लिए निकली। देरशाम जलाशयों में मातारानी के पूजन अर्चन के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कोरोना संक्रमण को लेकर प्रशासन भी अलर्ट रहा। पर्व के दौरान प्रभारी तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे, थाना प्रभारी गणेश प्रसाद विश्वकर्मा पुलिस और राजस्व अमले के साथ तैनात रहे।

विगढ़ में भी हुआ आयोजन
विजयराघवगढ़. क्षेत्र में दहशरा पर्व शांतिपूर्ण तरीके से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मनाया गया। इस दौरान बगैर डीजे आदि के सादगी पूर्ण तरीके से दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जलाशयों में किया गया। एसडीओपी शिखा सोनी के निर्देशन में महानदी विसर्जन स्थल में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। जगह-जगह पंडालों में कन्याभोजन का आयोजन किया गया। रावण के पुतले का भी दहन किया गया। इस दौरान वेदांश मिश्रा, दिव्यांश गुप्ता, ऋषि कुमार, धु्रव, मानस, कृष्णा, शौर्य, संदीप आदि शामिल रहे।

दुर्गा विसर्जन में उमड़ा जनसैलाब
पिपरिया सहलाव. दुर्गा प्रतिमाओं को ग्यारहवे दिन सुबह ग्राम के बड़े तालाब में विसर्जित किया गया। मां की विदाई में जनसैलाब उमड़ा। कहीं पर ढोल तो कहीं डीजे की धुन पर महिला-पुरुष थिरकते हुए मां के जयकारे के साथ आगे बढ़ते रहे।

यहां भी रहीं धूम
सिहुडी बसेड़ी. बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के सिहुड़ी बसेड़ी सहित पिपरिया, मोहतरा, पटना, बसेड़ी में मातारानी का विसर्जन हुआ। सभी लोगों ने गीतों की धुन पर नृत्य करते हुए ढोलक मजीरा के साथ अलग-अलग तालाब व जलाशयों में माता का विसर्जन किया।

बड़वारा क्षेत्र में रही धूम
रोहनिया/बड़वारा. बड़वारा क्षेत्र में भी दशहरा पूर्व धूमधाम से मनाया गया। मुख्यालय में अलग-अलग प्रतिमाओं का जुसूल निकला व मूर्तिया तालाब में विसर्जन हुआ। इसके अलावा आसपास के गांव रूपौंद, पठरा, रोहनिया, लखाखेरा, धनवारा, विलायतकला, बसाड़ी आदि गांव में भी धूमधाम से प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

balmeek pandey Reporting
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