जज के दोषी ठहराते ही दो बालकों के साथ अप्राकृतिक कृत्य का आरोपी बोला-परिवार में पत्नी व बच्चे हैं, नरम दिया जाए दंड

जज के दोषी ठहराते ही दो बालकों के साथ अप्राकृतिक कृत्य का आरोपी बोला-परिवार में पत्नी व बच्चे हैं, नरम दिया जाए दंड
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Dharmendra Pandey | Publish: Aug, 13 2019 09:55:07 PM (IST) Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

-दो बालकों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले बुजुर्ग को आजीवन कारावास
-विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम की अदालत ने सुनाया सजा का फैसला, 4 हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया दंडित

कटनी. विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम की अदालत ने दो बालकों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले आरोपी केरल मिश्रा (62) को आजीवन कारावास की सजा का फैसला सुनाया हैं। चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया हैं।
विशेष लोक अभियोजक जेपी चौधरी ने बताया कि अविनाश (परिवर्तित नाम) के पिता ने 27 दिसंबर 2012 को बरही थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई और बताया कि वह 26 दिसंबर को ईंटा पारने के लिए खितौली गया था। इस दौरान बच्चे घर पर थे। लौटकर आया तो 10 वर्षीय बेटा रोता मिला। पूछने पर बताया कि वह दोस्त के साथ खेल रहा था। दोपहर तीन बजे के लगभग मेडरा निवासी आरोपी केरल मिश्रा (62) ने बुलाया और बेरी खाने के लिए पांच रुपये दिए। बेरी खरीद कर जब अविनाश लौटा तो दोस्त को भी साथ में लेकर अपने घर गया। यहां पर अप्राकृतिक कृत्य किया। जान से मारने की धमकी दी। पीडि़त की शिकायत पर बरही पुलिस ने प्रकरण दर्जकर मामले को जांच में लिया। प्रकरण न्यायालय पहुंचा। साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने दोषी मानते हुए आरोपी को धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा का फैसला सुनाया। दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

 

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