election2018- मुड़वारा, विजयराघवगढ़ में ताल ठोकने को तैयार नए-पुराने दावेदार

election2018- मुड़वारा, विजयराघवगढ़ में ताल ठोकने को तैयार नए-पुराने दावेदार

raghavendra chaturvedi | Publish: Sep, 08 2018 10:23:09 AM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 10:23:10 AM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

भाजपा-कांग्रेस के साथ आप व अन्य भी कर रहे तैयारी, दावेदारों की छवि पर मुद्दे पड़ेगी भारी

कटनी. विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही विधायकी का चुनाव लडऩे वाले दावेदार दोतरफा मेहनत कर रहे हैं। पहला पार्टी में टिकट पाने के लिए हर संभव प्रयास तो दूसरा आमजनों के बीच जनसंपर्क और अपनेआप को आमजनों का नेता बताने का प्रयास। जिससे टिकट मिलने में आसानी हो। चुनाव लडऩे वाले इन दावेदारों के बीच पार्टी के आला कमान भी कस्मकश में हैं कि वे किस पर दांव आजमाएं जिससे पार्टी चुनावी नैया पार कर जाये। टिकट के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टी में ज्यादा दावेदार हैं। मुड़वारा विधानसभा से भाजपा में एक दर्जन से ज्यादा दावेदार अपनी जीत की बात कहकर टिकट लेने में लगे हैं तो विजयराघवगढ़ विधानसभा में भी स्थिति ऐसी ही है। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री संजय पाठक के विधानसभा क्षेत्र विजयराघवढ़ में 9 से दावेदार भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं।
कटनी मुड़वारा शहर की सीट पर पार्टियों की प्रष्ठिा दांव पर है। यहा भाजपा से टिकट के दावेदारों में वर्तमान व पूर्व विधायक से लेकर कई नये चेहरे भी दांव आजमा रहे हैं। तो कांग्रेस पार्टी भी पूरे जोश के साथ चुनाव रणनीति बनाकर जीत के प्रयास में जुटी है। दोनों ही पार्टियों से आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
भाजपा के दावेदारों में संदीप जायसवाल, शशांक श्रीवास्तव, अशोक विश्वकर्मा, सुकीर्ति जैन, अल्का जैन, सत्यनारायण अग्रहरि, गिरिराज किशोर पोद्दार, आशीष गुप्ता, अश्वनी गौतम, भावना सिंह व सपना सरावगी सहित अन्य दावेदार टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इन दावेदारों में कोई पूर्व विधायक है तो कोई जिला पंचायत उपाध्यक्ष या संगठन में पदाधिकारी। अपनी दावेदारी को सही बताने के लिए सबके पास अपने-अपने तर्क भी है, सबूत और लोगों के जनसमर्थन का दावा है।
कटनी मुड़वारा सीट से कांग्रेस पार्टी से टिकट के दावेदारों में मिथिलेष जैन व गुमान सिंह क्रमश: शहर व ग्रामीण जिला इकाई के अध्यक्ष हैं तो युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनु दीक्षित भी दावेदारी कर रहे हैं। इस सीट से फिरोज अहमद, मोहन बत्रा, राकेश जैन कक्का, चीनी चेलानी, प्रियदर्शन गौर, विजेंद्र मिश्र व रमाकांत पाठक सहित अन्य दावेदारी कर रहे हैं।
विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट की बात की जाये तो यहां इस बार चुनाव में प्रदेश की नजर रहेगी। यह सीट प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री संजय पाठक की सीट है। संजय पाठक टिकट के दावेदारों में टॉप पर हैं तो इस सीट से भाजपा से ही 2013 में प्रत्याशी रहीं पद्मा शुक्ला भी टिकट की मांग कर रहीं हैं। टिकट के अन्य दावेदारों में ध्रुव प्रताप सिंह, गणेश राव, ममता पटेल, सतीश तिवारी, रामनारायण सिंह, उदयराज सिंह व अरुणेश सिंह अन्य के नाम सामने आ रहे हैं।
संजय पाठक के 2014 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आ जाने के बाद अब विजयराघवगढ़ से स्थानीय नेता मजबूती के साथ क्षेत्र में सक्रिय हैं। विजयराघवगढ़ से कांगे्रस से विधायक टिकट के दावेदारों में गुड्डु दीक्षित, नीरज सिंह, श्याम बिहारी तिवारी, अरविंद बडग़ैया, बाला प्रसाद वर्मा व विजय पटेल सहित अन्य नेता शामिल हैं, जो टिकट के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं।
मुड़वारा व विजयराघवगढ़ दोनों ही सीट से आमआदमी पार्टी प्रत्याशी घोषित भी कर चुकी है। पार्टी ने मुड़वारा विधानसभा में सुनील मिश्रा और विजयराघवगढ़ विधानसभा से रमाकांत पटेल को प्रत्याशी घोषित किया है। बहुजन समाज पार्टी भी जल्द प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पूर्व की भांति विधानसभा चुनाव 2018 का चुनाव भाजपा व कांग्रेस के बीच ही होगा। इस बार सपाक्स द्वारा प्रत्याशी उतारने की घोषणा के साथ ही दोनों पार्टियां रणनीति बदल सकती हैं। मुड़वारा में दोनों ही पार्टियां नये व अप्रत्याशित चेहरों पर दांव लगा सकती है। कटनी मुड़वारा विधानसभा से 1985 में विधायक रहे सुनील मिश्रा, शहर के व्यवसायी मनीष घेई, रेत कारोबारी संजीव सूरी, डॉ. अशोक चौदहा, डॉ. चांडक भी विधायक प्रत्याशी घोषित किये जा सकते है। यह अलग बात है कि ये चेहरे किस पार्टी से प्रत्याशी होंगें, यह आने वाले समय में तय होगा। कमोबेश ऐसी ही स्थिति विजयराघवगढ़ विधानसभा में है।
जाहिर सी बात है चुनाव तो मुद्दों पर ही लड़े जाते हैं। इस बार मुड़वारा विधानसभा चुनाव में कटनी नदी पुल का 2009 से शुरु होकर अब तक निर्माण पूरा नहीं होना, शहर में पेयजल के लिए दांयी तट नहर परियोजना का पानी अब तक शहर नहीं पहुंचना, शहर में होने वाले निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार, गल्र्स कॉलेज का शहर से बाहर निर्माण, सागर पुलिया, मंगलनगर व गायत्री पुलिया मेंं रेंलवे अंडर ब्रिज में परेशानी और ओवर ब्रिज का निर्माण शुरु न होना प्रमुख मुद्दा है।
विजयराघवगढ़, कैमोर, बरही व खितौली में बाईपास सड़क का निर्माण, बरगी नहर प्रोजेक्ट का ठंडे बस्ते में होना, वेलस्पन, सांघी नवीन इकाई औरएसीसी सीमेंट फैक्ट्री अतिरिक्त इकाई के लिए जमीन अधिग्रहित होने के बाद भी निर्माण नहीं होना प्रमुख मुद्दे हैं।
मुड़वारा व विजयराघवगढ़ दोनों ही विधानसभा से डॉक्टर, अधिवक्ता व किसान भी ताल ठोक रहे हैं। इनकी छवि भी नागरिकों के बीच अच्छी है, और ये मजबूत दावेदार हो सकते हैं। डॉक्टर संजय निगम, आरटीआइ एक्टिविस्ट सौरभ नायक मुड़वारा विधानसभा से तो विजयराघवगढ़ में अधिवक्ता ब्रंहमूर्ति तिवारी, शिक्षक मोहम्मद माजिद व किसान शैलेष बडग़ैयां भी ताल ठोक रहे हैं।
बतादें कि विजयराघवगढ़ में इससे पहले 2014 में हुए उपचुनाव में भाजपा ज्वाइन कर पार्टी टिकट से लडऩे वाले संजय पाठक ने कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रकाश मिश्र राजा भैया को 53 हजार 397 मतों से हराया। कटनी से विजयराघवगढ़ चुनाव लडऩे गए राजाभैया हार के बाद वहां नहीं गए।
2013 चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहते संजय पाठक ने भाजपा प्रत्याशी पद्मा शुक्ला को 929 मतों से शिकस्त दी। चुनाव हारने के बाद भी पद्मा शुक्ला क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस चुनाव में भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रही हैं।
2008 चुनाव में बतौर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव प्रताप सिंह 22 हजार 801 मतों से संजय पाठक से हार गये थे। ध्रुव प्रताप सिंह कटनी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष हैं, विजयराघवगढ़ से भाजपा टिकट के दावेदार हैं।
संजय पाठक का पारंपरिक सीट होने के बाद भी विजयराघवगढ़ में बेरोजगारी, खराब सड़कें, निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर लोगों में गुस्सा, कानून और व्यवस्था की स्थिति प्रमुख मुद्दा है।
मुड़वारा विधानसभा सीट से 2013 में भाजपा के संदीप जायसवाल को 87 हजार 936 मत मिले थे। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी फिरोज अहमद को 40 हजार 258 मत प्राप्त कर हार का सामना करना पड़ा था।

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