कोरोना के संकट में नागरिकों को बिजली ने मारा जोर का करंट

-नतीजा 61 हजार उपभोक्ताओं ने नहीं जमा किया बिल
-लॉकडाउन में नहीं हुई मीटर की रीडिंग तो पिछले साल को बनाया आधार

By: Ajay Chaturvedi

Published: 23 May 2020, 04:34 PM IST

कटनी. कोरोना संकट के दौर में जब काम-धंधा बंद है। लोगों को खाने के लाले पड़े हैं। ऐसे में बिजली विभाग मनमानेपन पर उतर आया है। जिसे जैसे मन आया बिजली का बिल भेज दिया है। अब उपभोक्ता बिल देख कर हैरान हैं। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा। विभाग के दफ्तर में जाने पर वहां भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उल्टे उपभोक्ताओं को दौड़ाया जा रहा है।

ऐसा नहीं कि विभाग की इस मनमानी से उपभोक्ता ही परेशान हैं। विभाग की राजस्व वसूली भी प्रभावित हुई है। हाल ये है कि इस मनमानी बिलिंग से 61 हजार लोगों ने बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है। यहां बता दें कि शहर के 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को मनमाना बिल मिला है। ये सारे लोग रोजाना विभाग का चक्कर लगा रहे हैं पर कोई राहत नहीं मिल रही।
इस समस्या के बाबत विभागीय अधिकारियों का जवाब है कि कोरोना के संक्रमण के चलते मीटर रीडिंग न होना बता रहे हैं। लेकिन उपभोक्ताओं का तर्क है कि अधिकारी कह रहे हैं कि लॉकडाउन के चलते मीटर रीडिंग नहीं हुई। उनका कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर सभी उपभोक्ताओं के मीटर घर के बाहर लगवा दिए गए तो रीडिंग क्यों नहीं हुई?

बता दें कि शहर में बिजली विभाग के 76 हजार उपभोक्ता हैं जिन्हें 9 करोड़ 68 लाख रुपये का बिल भेजा गया है। इसमें से तकरीबन तीन करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है, 61 हजार उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान ही नहीं किया।

"लॉकडाउन के चलते मीटर रीडिंग नहीं हुई। पिछले साल अप्रैल महीने को आधार मान कर बिजली बिल जनरेट किया गया। उपभोक्ताओँ को 26 मई तक ड्यू डेट दी गई है। इस अवधि तक बिल जमा करने पर सरचार्ज नहीं लगेगा। बिल जमा करने के लिए एटीपी सेंटर भी चालू हैं।"- शशांक शुक्ला, प्रभारी डीई बिजली विभाग

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