हर माह मीटर रीडिंग नहीं होने के बाद अब उपभोक्ताओं को दे रहे लाखों का बिजली बिल

बीते कई माह तक नहीं आया बिजली का बिल अब विभाग थमा रहा हजारों-लाखों रुपये का बिजली बिल.

बिजली बिल सुधार के लिए दो सौ से ज्यादा उपभोक्ता प्रतिदिन बिजली कार्यालय तक लगा रहे दौड़.

कटनी. बिजली विभाग में मीटर रीडिंग के दौरान बरती गई लापरवाही ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। यहां 50 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के मीटर का रीडिंग बीते छह माह से ज्यादा समय से हर माह सही-सही नहीं लिया गया और इस बीच हजारों उपभोक्ताओं को माइनस में बिजली का बिल भेजा गया। उपभोक्ताओं ने माइनस बिल को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इंदिरा ज्योति योजना का लाभ मानकर बिजली विभाग में पता भी नहीं किया।

अब आठ माह बाद अचानक लाखों रुपये का बिल थमाया जा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी ज्यादा बिल को लेकर मान रहे हैं कि पूर्व में मीटर रीडिंग द्वारा सही नहीं किया गया। ऐसे 60 मीटर रीडर को अलग किया गया है। और उनके स्थान पर 32 मीटर रीडर रखे गए हैं। दूसरी ओर उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर रीडर की मनमानी का खामियाजा उपभोक्ता क्यों भुगतें। उपभोक्ताओं के कार्यालय पहुंंचने पर अब किश्तों में बिल को विभाजिक कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की जा रही है।

Long queues of consumers engaged in office after having trouble collecting electricity bills in mobile.
मोबाइल में बिजली बिल जमा करने में परेशानी के बाद कार्यालय में लगी उपभोक्ताओं की लंबी कतार. IMAGE CREDIT: Raghavendra

ऑनलाइन जमा नहीं कर पा रहे बिल, कार्यालय में लग रही कतार

बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के मीटर का आइवीआरएस नंबर नया किया गया है। उपभोक्ताओं ने बताया कि मोबाइल एप में नए आइवीआरएस से बिल की जानकारी प्राप्त करने को लेकर नहीं बताया गया। पूर्व में जो उपभोक्ता आनलाइन बिजली का बिल जमा करते थे, उन्हे भी अब बिजली विभाग में कतार में खड़े होकर बिजली का बिल जमा करना पड़ रहा है।

बिजली विभाग के डीइ अभिषेक शुक्ला बताते हैं कि पूर्व मेें 60 मीटर रीडरों द्वारा रीडिंग में मनमानी की गई। इस बीच एवरेज बिल भेजा गया। गड़बड़ी सामने आने के बाद 32 नए मीटर रीडर रखे गए हैं। उपभोक्ताओं की परेशानी दूर की जा रही है।

 

Name of defaulters on the information board in the Electricity Department City Office.
बिजली विभाग शहर कार्यालय में सूचना बोर्ड पर बकाएदारों का नाम. IMAGE CREDIT: Raghavendra

सूचना बोर्ड में लिखा जा रहा बकाएदारों का नाम

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं का लगातार परेशान किया जा रहा है। एक तो मनमाना बिजली का बिल दिया गया। दूसरी ओर बकाएदारों का नाम सूचना बोर्ड में लिखा जा रहा है। 18 मार्च को सूचना बोर्ड पर कल्लू बाई, जगन्नाथ प्रसाद, लीला तोमर, सत्येंद्र कुमार दीक्षित व जैनेत कुंडल का नाम बकाएदारों में लिखा गया। इन पर एक लाख रुपये से एक लाख 39 हजार रुपये तक बिजली का बिल का बकाया है।

बिल की परेशानी उपभोक्ताओं की जुबानी
एनकेजे क्षेत्र के उपभोक्ता नासिर हुसैन ने बताया कि उन्हे बीते कई माह बिजली का बिल नहीं दिया गया और अब दो लाख रुपये से ज्यादा का बिल थमा दिया गया। शहर के उपभोक्ता आरती बर्मन की भी यही परेशानी है। उन्हे एक साल तक माइनस में बिल दिया गया और अब सवा लाख रुपये का बिल थमा दिया गया। प्रोफेसर एसपी भारद्वज ने बताया कि घर बंद रहता है, बिना रीडिंग के 22 हजार से जयादा का बिजली बिल दिया गया।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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