मनरेगा में मूल्यांकन का पेंच, मजदूरी के बाद भुगतान के लिए पसीना बहा रहे मजदूर

काम के बाद मूल्यांकन के इंंजीनियरों के चक्कर लगाते परेशान होते हैं पंचायत के कर्मचारी.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 11 Jun 2021, 01:34 AM IST

कटनी. स्लीमनाबाद के मटवारा गांव में गुरूवार को मेढ़ बंधान कार्य में लगे श्रमवीर भरतलाल, शिवकुमारी, गिरिजा बाई, रामसखी बाई व राधाबाई मजदूरी के बाद समय पर भुगतान नहीं होने से परेशान हैं। इन परिवारों को बारिश पूर्व भुगतान नहीं होने के कारण घर में जरुरी इंतजाम की चिंता भी सता रही है। मजदूर बताते हैं कि डेढ़ माह से मेढ़बंधान व पीएम आवास में काम कर रहे हैं।

मजदूरी का भुगतान किश्तों में होने से पैसा काम भी नहीं आ रहा। जानकार बताते हैं कि मनरेगा में काम के बाद समय पर मूल्यांकन नहीं होने के कारण मजदूरों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मूल्यांकन का काम इंजीनियर करते हैं। मजदूर बताते हैं कि मूल्यांकन से पहले इंजीनियरों की अपनी शर्तें होती है।

कई बार पंचायत के सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक को काम के बाद मूल्यांकन के लिए इंजीनियरों के चक्कर लगाते भी परेशान होना पड़ता है। मजदूरी में लंबित भुगतान को लेकर बहोरीबंद जनपद के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक भार्गव बताते हैं कि प्रक्रिया भोपाल से लंबित है। तकनीकी कारणों के कारणों की वजह से मजदूरों को भुगतान नहीं हो रहा है।

बहोरीबंद विकासखंड में मनरेगा में मजदूरी करने वाले मजदूर भुगतान को लेकर परेशान हैं। इनका कहना है कि यहां मस्टर में 70 से मजदूरों की हाजिरी भरी जाती है, लेकिन भुगतान चार से पांच मजदूरों को होता है। 79 ग्राम पंचायत में अलग-अलग पंचायतों में काम के बाद करीब 4 करोड़ रुपये से ज्यादा भुगतान मजदूरों को शेष है। मटेरियल सप्लायरों का भी भुगतान अटका है।

इस बारे में जिला पंचायत सीइओ जगदीश चंद्र गोमे बताते हैं कि मनरेगा में मजदूरों को भुगतान कई बार समय पर मूल्यांकन नहीं होने के कारण प्रभावित हुआ है। हमारे कई इंजीनियर कोविड-19 संक्रमित हो गए थे। अब स्थितियां सामान्य हो रही है। जहां कहीं भी थोड़ी बहुत त्रुटि है उसे ठीक कर रहे हैं। मजदूरों को भुगतान की ज्यादा समस्या नहीं है।

फैक्ट फाइल
- 2 लाख 74 हजार 543 एक्टिव श्रमिकों में 1 लाख 3 हजार 730 श्रमिकों को मिला काम।
- 2 हजार 677.60 लाख रुपये मजदूरी और 94.22 लाख रुपये सामग्री में हुआ अब तक भुगतान।
- 584 सामुदायिक कार्य वर्तमान में जिलेभर में हो रहे संचालित।
- 5 हजार 562 हितग्राही मूलक कार्य जिलेभर में वर्तमान में प्रगति पर।
- 31 हजार 917 सामुदायिक और हितग्राही मूलक कार्य 10 जून की स्थिति में जिलेभर में प्रगति व अपूर्ण कार्य की स्थिति में हैं।
- 56 हजार 103 है राज्य स्तर से निर्धारित लेबर नियोजन लक्ष्य।
- 60 हजार 534 लेबर जिलेभर में किया गया नियोजित, जो लक्ष्य का 107.90 प्रतिशत है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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