जानिए बिजली कंपनी के अधिकारियों ने ऐसा क्या कर दिया की गुस्साए ग्रामीणों ने देररात कर दिया घर का घेराव

जानिए बिजली कंपनी के अधिकारियों ने ऐसा क्या कर दिया की गुस्साए ग्रामीणों ने देररात कर दिया घर का घेराव
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Dharmendra Pandey | Updated: 25 Jun 2018, 11:33:47 AM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

ग्रामीणों ने कहा- फोन लगा रहे तो बंद मिला मोबाइल, कंट्रोल रूम पहुंचे तो लगा मिला ताला, उपतहसील क्षेत्र स्लीमनाबाद स्थित फीडर का मामला

 

कटनी. उपतहसील क्षेत्र स्लीमनाबाद में लगे बिजली फीडर से रविवार को 60 गांवों की बिजली सप्लाई बंद रहीं। देररात तक बिजली नहीं आने से उसम भरी गर्मी से बेहाल व परेशान ग्रामीण जेई के घर पहुंचे। नाराजगी जताई।

जानकारी के मुताबिक बिजली कंपनी द्वारा इन दिनों मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है। रविवार को 400 केवी का मेंटनेंस होने के कारण स्लीमनाबाद फीडर के अंतर्गत आने वाले 60 गांवों में बिजली सप्लाई सुबह 8 बजे से बंद कर दी गई। रात 9 बजे तक गांव में बिजली सप्लाई चालू नहीं होने के कारण उमस भरी गर्मी से बेहाल ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। रात में ही जेई के घर पहुंचे। इस बीच ग्रामीणों की भीड़ देख जेई ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों व जेई के बीच कहासुनी हुई। घंटेभर के बाद माहौल शांत हुआ। इसके बाद जेई ने रात 11 बजे के लगभग बिजली सप्लाई शुरू होने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण वापस लौटे।

यहां भी बंद रही बिजली
रविवार को कन्हवारा, डिठवारा, मैरहाई सलैया, छैघरा, सहजपुरा, पटवारा, जोबीकला, पडख़ुरी सहित अन्य गांवों की बिजली सुबह से ही बंद ही। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह 8 बजे से गुल हुई बिजली रात 9 बजे तक नहीं आई। जिसके चलते पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहा। कूलर-पंखे बंद होने के कारण उमस भरी गर्मी से परेशान होना पड़ा।

बंद रहीं नलजल योजना, पानी के लिए परेशान
मेंटेनेंस के कारण रविवार को बिजली गुल होने के कारण लोगों को गर्मी के साथ पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा। ग्राम पंचातयों में लगी नलजल योजना भी बंद रही। जिसके चलते हैंडपंपों में जाकर पानी भरना पड़ा।
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इधर,

कक्षाओं में नहीं मिले छात्र तो चार स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को थमाया शोकाज नोटिस
बेसलाइन सर्वे को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्य का निरीक्षण करने उमरियापन व स्लीमनाबाद पहुंचे थे एपीसी
कटनी. स्कूलों में छात्रों का न मिलना उमरियापान व तेवरी के प्राथमिक-माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को महंगा पड़ गया। औचक निरीक्षण पर पहुंचे एपीसी ने चारों स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन के भीतर जबाव मांगा है।
एपीसी कमलेश सोनी ने बताया कि21 जून से स्कूलों में बेसलाइन प्रशिक्षण का कार्य कर चल रहा था। जिसका शनिवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण का औचक निरीक्षण करने पहुंचे एपीपीसी सोनी ने स्लीमनाबाद संकुल के प्राथमिक व माध्यमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। दोनों ही स्कूलों में शिक्षक उपस्थित मिले। स्कूल परिसर के भीतर दूर-दराज तक कोई छात्र नहीं मिला। इसके बाद वे उमरियापान के शासकीय कन्या प्राथमिक-माध्यमिक शाला पहुंचे। इस स्कूल में भी शिक्षक तो मौजूद मिले, लेकिन छात्राएं कक्षा में एक भी नहीं मिली। मौजूद शिक्षकों से छात्रों के नहीं आने का कारण पूछा। सटीक जबाव नहीं मिला। जिसके बाद एपीसी सोनी ने चारों स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। तीन दिन के भीतर जबाव मांगा। सोनी ने बताया कि संतोष जनक जबाव नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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