लॉकडाउन में खुशखबरी: कटनी जिले में हर घर में पहुंचेगा पानी, पहले फेज में नलजल योजना वाले गांवों में बना स्टीमेट

जिले में कहीं-कहीं पानी के स्त्रोत दूर हैं तो कहीं पानी पाने के लिए लम्बी दूरी तक चलकर जाना पड़ता है, सिर या साईकिल पर ढोकर पानी लाना पड़ रहा है। बहोरीबंद के पठार क्षेत्र और रीठी में अधिक समस्या रहती है। रीठी का खुसरा गांव जहां पर लोग अपनी बेटी की ब्याहने से भी परहेज करते हैं, यहां खाई से चट्टानों से रिसने वाली एक-एक बूंद को एकत्रित कर दूर से पानी ढोने के काम औरतों व बच्चों के जिम्मे सदियों से रहा है, लेकिन अब शीघ्र ही जिलेवासियों को पेयजल समस्या से निजात मिलेगी।

By: balmeek pandey

Published: 16 May 2020, 09:01 AM IST

कटनी. जिले में कहीं-कहीं पानी के स्त्रोत दूर हैं तो कहीं पानी पाने के लिए लम्बी दूरी तक चलकर जाना पड़ता है, सिर या साईकिल पर ढोकर पानी लाना पड़ रहा है। बहोरीबंद के पठार क्षेत्र और रीठी में अधिक समस्या रहती है। रीठी का खुसरा गांव जहां पर लोग अपनी बेटी की ब्याहने से भी परहेज करते हैं, यहां खाई से चट्टानों से रिसने वाली एक-एक बूंद को एकत्रित कर दूर से पानी ढोने के काम औरतों व बच्चों के जिम्मे सदियों से रहा है, लेकिन अब शीघ्र ही जिलेवासियों को पेयजल समस्या से निजात मिलेगी। जिले में जल जीवन मिशन पर काम शुरू हो गया है। 2024 तक हर घर में पानी पहुंचेगा। बता दें कि पहले फेज में 304 गांव हैं जहां पर नलजल योजना काम कर रही हैं वहां के लगभग 260 गांवों में जल जीवन मिशन पर प्रस्ताव बनाया गया है। 40 गांव में जल निगम काम करेगा। 260 गांव का प्रस्ताव पीएचइ ने तैयार किया है। इसके तहत अब जहां पर योजना हैं वां पर 100 प्रतिशत घरों में पेयजल सप्लाई किया जाएगा। जिला मुख्यालय में इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। दो-तीन दिन में बनाकर मुख्यालय भेजा जाएगा। अभी तक घुड़हर, सिंघनपुरी, मझगवां फाटक, टिकरवारा, पोड़ी, छिदहाई पिपरिया में 100 प्रतिशत नि:शुल्क कनेक्शन दिए गए हैं। रीठी ब्लॉक जल निगम काम करेगी इसमें कटनी के 40 गांव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पीएचइ द्वारा 40 गांव बड़वारा, विजयराघवगढ़ के 40, बरही के 13 गांवों में योजना बनाई गई है। इसके बाद दूसरे फेज में नए गांवों में एक साल बाद काम शुरू होगा।

2040 तक हर गांव में पानी पहुंचेगा
हर घर नल अभियान (जल जीवन मिशन) के तहत हर घर को पेयजल कनेक्शन दिया जाएगा। हर व्यक्ति को 55 लीटर से अधिक पानी मिलेगा। ग्राम पंचायतों पर गांवों की पेयजल योजनाओं के संचालन व रखरखाव पूरी जिम्मेदारी होगी। पेयजल योजना के निर्माण में 10 फीसद धनराशि के लिए ग्रामसभा को सहयोग करना होगा। एक अप्रैल 2020 से 2024 तक यह अभियान चलाया जाएगा।

गांवों में बनेगी पेयजल स्वच्छता समिति, वसूलेंगी बिल
हर ग्राम सभा में पेयजल स्वच्छता समिति बनाई जाएगी और ग्राम प्रधान इसका पदेन अध्यक्ष होगा। पेयजल योजनाओं में हर गांव को मिलने वाले पानी की मात्रा के आंकलन के लिए वॉटर मीटर लगाया जाएगा। जिस गांव में योजना बनी है, वह मीटर के हिसाब से अन्य ग्राम सभाओं से शुल्क वसूलेंगी। पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन के बाद ग्रामसभा खुद ही इसका संचालन व रखरखाव करेंगी।

इनका कहना है
जल जीवन मिशन के तैयार कार्ययोजना बनाई जा रही है। पहले फेज में जिन गांवों में योजना है वहां का प्लान तैयार किया गया है। तीन दिन में प्लान विभाग को भेजना है। दूसरे फेज में सभी छूटे गांवों में काम शुरू होगा। इस योजना से हर घर में पानी पहुंचेगा। पीएचइ और जल निगम काम करेगा।
ईएस बघेल, कार्यपालन यंत्री, पीएचइ।

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