बड़े-बड़े चूल्हों पर गंज मार रहे थे उबाल, देखकर पुलिस रह गई अवाक, अवैध करोबार का हुआ भंडाफोड़

बड़े-बड़े चूल्हों पर गंज मार रहे थे उबाल, देखकर पुलिस रह गई अवाक, अवैध करोबार का हुआ भंडाफोड़

balmeek pandey | Publish: Sep, 16 2018 09:52:08 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 10:03:50 PM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

आबकारी ने दबिश देकर जब्त की 344 पाव शराब, 2700 किलोग्राम महुआ लाहन किया नष्ट

कटनी. जिले में शराब माफिया एक बार फिर से बेखौफ हो गए हैं। नियम कायदों को ताक में रखकर शराब का कारोबार संचालित कर रहे हैं। इसका खुलासा आबकारी विभाग द्वारा शनिवार को दी गई दबिश से हुआ। एक स्थान से जहां 344 पाव अवैध शराब जब्त की तो वहीं कुठला थाना क्षेत्र के करहिया गांव में 2700 किलोग्राम महुआ लाहन नष्ट किया है। हैरानी की बात तो यह है कि यह कारोबार कौन कर रहा था, पुलिस इसका पता नहीं लगा पाई। अवैध शराब का परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा अभियान चलाया गया। सघन तलाशी अभियान के अंतर्गत जिला आबकारी अधिकारी आरपी किरार को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई। इस पर आबकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जीपी केवट एवं ममता अहिरवार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। एसीसी डेहरू लाइन निवासी शिब्बू खटीक 30 वर्ष के कब्जे से 6 पेटी 300 पाव एवं एक थैली में 44 पाव कुल 344 पाव शराब जप्त की गई। उप निरीक्षक महेंद्र शुक्ला द्वारा आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1)(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। कारवाही में आबकारी उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, मोना दुबे, रजनीश त्रिपाठी, आशीष जैन, सतीश कुमार, रामचरण पटेल, बलराम, शिवूरत नामदेव, कैलाश नाथ नामदेव, राम सिंह, मनोज पाठक, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, मीणा ब्रम्हवंशी की भूमिका रही।

घरों में बन रही थी शराब
इसी तरह ग्राम करैया में दबिश देकर भारी मात्रा में महुआ लहान नष्ट किया है। कार्रवाई के दौरान राधाबाई पति दल्लू नरगडिय़ा के पास से 2 लीटर शराब, पूजा पति रवि नरगडिय़ा के पास से 2 लीटर कच्ची शराब, चांदनी बाई पति लाला नरगडिय़ा के पास से 3 लीटर शराब, सीमा पति अजय नरगडिय़ा के पास से 2 लीटर शराब, परमिला पति रज्जू नरगडिय़ा के पास से 4 लीटर शराब, रातरानी पति संजीत नरगडिय़ा के पास से 4 लीटर शराब जब्त की है। गांव में 27 किलोग्राम महुआ लाहन नष्ट किया है, जिससे शराब बनाई जा रही थी। उल्लेखनीय है कि इस गांव में शराब का अवैध कारोबार पुस्तैनी हो चुका है। पुलिस और आबकारी यदा-कदा कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपाती रहती है।

पूरे जिले में कारोबार चरम पर
सूत्रों की मानें तो शराब का अवैध कारोबार पूरे जिले में चरम पर है। माफिया बेखौफ होकर न सिर्फ शराब तैयार कर रहे हैं बल्कि खुलेआम शराब का विक्रय कर रहे हैं। शहस समेत ग्रामीण क्षेत्रों में शराब का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है और जिम्मेदार बेखबर है। शराब के अवैध कारोबार से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। घरों में कलह की स्थिति बन रही है। परिवार बिखर रहे हैं। अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा इसके बाद भी शराब ुबंदी पर कोई विचार नहीं हो रहा।

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