Patrika Breaking: रेलवे भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, परीक्षा में बैठा दूसरा व्यक्ति, कई साल से नौकरी कर रहे कोई और

फिंगर प्रिंट इस्पेक्टर की जांच में हुआ खुलासा, कर्मचारियों पर दर्ज होगी एफआइआर, रेलवे में फर्जी नियुक्ति का मामला आया सामने

By: balmeek pandey

Updated: 23 May 2019, 11:50 AM IST

कटनी. परीक्षा में मुन्ना भाई के एक से बढ़कर एक मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रेलवे में आया है, जिसने सभी अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। राजेश आनंद पिता महादेव प्रसाद की 19 जनवरी 2017 से भर्ती हुई है। उक्त कर्मचारी को मंडल रेल प्रबंधक (कार्मिक) भर्ती अनुभाग जबलपुर के पत्र क्रमांक जबल/का/620/भर्ती/पूर्ववर्ती चतुर्थ श्रेणी/आरआरसी दिनांक 18 जनवरी 2017 के अनुसार हुई। राजेश की पदस्थापना वरि.मं.यॉ. इंजीनियर (डी) नई कटनी जंक्शन डीजल शेड में हुई। कुछ दिन पहले फिंगर प्रिंट इंस्पेक्टर द्वारा फिंगर प्रिंट का मिलान किया गया, जिसमें पता चला कि राजेश आनंद की नियुक्ति फर्जी है। खासबात यह है कि युवक ने रेलवे भर्ती की परीक्षा में न सिर्फ दूसरे व्यक्ति को बैठाकर परीक्षा दी बल्कि कूटरचित दस्तावेजों से पिछले दो वर्षों से नौकरी भी कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों के सत्यापन से लेकर फर्जी अभ्यर्थी का फोटो भी अटेस्टेड हो गया और किसी ने भी फर्जी नियुक्ति पर ध्यान नहीं दिया। इस नियुक्ति से रेलवे की भर्ती प्रक्रिया भी सवालों में है। बताया जा रहा है कि कटनी में ऐसे कई मामले हैं।

ऐसे सामने आया फजी नियुक्ति का मामला:
उप मुख्य सतर्कता अधिकारी पमरे मुख्यालय के पत्र क्रमांक डब्ल्यूसीआर/एचक्यू/पीसी/पी/वी2/20181200242 के माध्यम से 22 अप्रैल 2019 को फर्जी नियुक्ति होने का मामला उजागर हुआ। मंडल रेल प्रबंधक (कार्मिक) जबलपुर के पत्र क्रमांक पमरे/का जबल/01/वरि.मं.का. अधिकारी/गोप 30 अप्रैल 19 को पर्दाफाश हुआ। कर्मचारी के अंगूठे के निशान रेलवे भर्ती बोर्ड को उसके द्वारा प्रेषित आवेदन एवं चिकित्सा प्रमाणपत्र के लिए जारी मेडिकल मेमो में भिन्न पाए गए। जिसको प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि उसने रेलवे के साथ छल व कूटरचना से रेलवे में नौकरी हासिल की है। मामला उजागर होने के बाद अफसर आरोपियों पर एफआइआर कराने की कार्रवाई में जुट गए हैं।

पांच माह से अनुपस्थित है कर्मचारी
फर्जी तरीके से भर्ती का मामला विद्युत सामान्य अनुरक्षण कार्यालय मुड़वारा स्टेशन के समीप भी सामने आया है। यहां पर 2011 में एक युवक की भी फर्जी तरीके से नियुक्ति हुई है जिसका खुलासा फिंगर प्रिंट जांच में हुआ है। मामला उजागर होने के बाद से पांच माह से कर्मचारी अनुपस्थित है।

इनका कहना है
अभी इस संबंध में जानकारी नहीं है। डीजल शेड सहित अन्य विभागों में यदि फर्जी नियुक्ति का मामले हैं तो नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
प्रसंन्न कुमार, एरिया मैनेजर।

balmeek pandey Reporting
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