कोरोना संकट काल में राजस्व रिकॉर्ड के लिए परेशान किसानों को मिलेगी राहत

अब प्रमाणित प्रति के लिए नहीं लगाने होंगे कार्यालय के चक्कर, डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होगी अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि.

By: raghavendra chaturvedi

Updated: 04 Aug 2020, 12:35 PM IST

कटनी. कोरोना संकटकाल में जमीनी दस्तावेज की जानकारी प्राप्त करने के लिए परेशान किसानों के लिए राहत की खबर है। अब राजस्व रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डिजिटल स्वरूप में प्रमाणित प्रति लोकसेवा केंद्र व एमपी ऑनलाइन में आवेदन कर किसान प्राप्त कर सकेंगे।

डिजिटल स्वरुप में उपलब्ध अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपियों को प्राधिकृत वेबपोर्टल एवं प्राधिकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से 1 अगस्त से जारी किया गया है। इसमें नये अभिलेख वे होंगे, जिन्हें रिकॉर्ड रुम में स्केन कर भू-लेख पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। आरसीएमएस पोर्टल पर उपलब्ध राजस्व प्रकरणों में आदेश की प्रति भी होगी।

बतादें कि इससे पहले राजस्व रिकॉर्ड का प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदन देने के बाद 15 दिन में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था थी। अब प्रदेश सरकार ने आमजनों की सुविधा के लिए राजस्व रिकॉर्ड डिजिटल फार्मेट में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था तो कर दी है, लेकिन इसमें भी कई किसानों की परेशानी कम नहीं होगी। कटनी में सभी दस्तावेंजों को इस फार्मेट में लाने के लिए लगभग ढाई लाख प्रतियां स्कैन करनी होगी। फिलहाल 70 हजार प्रतियां ही स्कैन हुई है।

डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी ने बताया कि सेवा प्रारंभ होने से आमजन को पुराने अभिलेखों की प्रमाणित प्रति तत्काल प्रति कहीं से भी और कभी भी ऑनलाईन प्राप्त हो सकेगी। व्यवस्था एक अगस्त से लागू हुई है। तीन दिन अवकाश के बाद चार अगस्त से विधिवत शुभारंभ होगा।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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