धमकी: पहले दिखाया मददगार का सब्जबाग, अब कह रहे लड़के बेचकर जमा करो रुपये, देखें वीडियो

संयुक्त कलेक्टर से की गई शिकायत में पीडि़तों ने कहा कि खाने के पड़े हैं लाले, कहां से चुकाएं किश्त

By: balmeek pandey

Published: 04 Sep 2020, 09:20 AM IST

कटनी. शहर में चिटफंड कंपनियों का मकडज़ाल फैला हुआ है। मोटी ब्याज व रकम को दोगुना करने सहित अन्य लालच देकर के लोगों के खून पसीने की कमाई को कंपनियों में जमा कराते हैं, ब्याज देकर मनमानी रकम वसूलते हैं, लेकिन कोरोना संकट के दौर में राहत नहीं दे रहे। ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया है। जहां पर लोगों ने पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार एवं कलेक्टर शशि भूषण से से शिकायत करते हुए मामले की जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक को की गई शिकायत में उषा शिवहरे, लक्ष्मी, बबीता जायसवाल, सविता सोनी, अर्चना, संगीता, मुन्नी, सरोज तिवारी, रामा तिवारी, रामा, सुशीला कुमारी, अंजो राय, सील कुमारी वर्मा,अंजू, रंजना जायसवाल, प्रभा सिंह, माया, सरोज,उर्मिला, सपना मिश्रा, शांति, सरस्वती, दीपा, सुभद्रा, कृष्णा, प्रभा, विमला, ज्योति, कमला, माला सहित अन्य महिलाओं ने कहा कहा कि माइक्रो फाइनेंस प्राइवेट बैंकों द्वारा प्रताडि़त किया जा रहा है। शिकायत में महिलाओं ने कहा कि फाइनेंस बैंक के कर्मचारी कह रहे हैं कि चाहे मरो या लड़के बेचों लेकिन हमारी किश्तें जमा करो, जबकि अभी वे किसी भी हाल में किश्त जमा करने के लायक नहीं हैं। कलेक्टर से सभी राहत की गुहार लगाई है। महिलाों ने कहा कि कर्मचारी घर में आकर बैठ जाते हैं, कहते हैं जबतक रुपये नहीं मिलेेंगे तबतक नहीं जाएंगे। धमकी से पूरे परिवार परेशान रहता है।


यह बताई समस्या
फाइनेंस बैंक में हम सभी 10 वर्षों से लगातार समय पर किस्त जमा कर रहे हैं। सभी महिलाओं के पति ऑटो चलाते हैं या फिर रिक्शा, पल्लेदारी करते हैं। प्राइवेट दुकानों में मेहनत मजदूरी कर रहे हैं। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन बंद होने के कारण सभी का व्यापार बंद हो गया है। इस कारण सभी की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है और अब किस्त देने में बिल्कुल भी असमर्थ हो गए हैं, लेकिन आए दिन कंपनी के कर्मचारी घर में आकर के डराया धमकाया जा रहा है। कहा जाता है कि घर बेचो सामान बेचो, जियो अथवा मरो हमें इससे मतलब नहीं है हमें हमारी किस्त का भुगतान समय पर करो नहीं तो घर का सामान उठाकर ले जाएंगे। प्रतिदिन 4 से 6 लोग घर पर आते हैं और प्रताडि़त करते हैं। संकट की इस घड़ी में लोगों को मिल रही धमकी पर रोक लगाए जाने की मांग पीडि़तों ने की है।

balmeek pandey Reporting
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