Garbage disposal in open area, नागरिकों ने किया विरोध, जनांदोलन की धमकी

-कोरोना काल में देश के विभिन्न अति प्रदूषित क्षेत्रों से आ रहा है कचरा

By: Ajay Chaturvedi

Published: 30 Nov 2020, 03:05 PM IST

कटनी. पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण से परेशान हैं। भारत में सर्दियों के बढ़ने के साथ ही कोरोना संक्रमण तेज होने लगा है। लोगों को बार-बार साफ-सफाई की नसीहत दी जा रही है। लेकिन यहां देश के प्रदूषित शहरों का कचरा गिरा कर वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है जिससे लोगों को तमाम तरह की दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने इसका विरोध भी किया। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को फोटो सहित शिकायत ट्वीट किए। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने महज खानापूरी कर छोड़ दिया। इससे नागरिकों में गुस्सा है। वो इस मुद्दे पर जनांदोलन की तैयारी में हैं।

नागरिकों का कहना है कि कैमोर को दुनिया भर के अपशिष्ट पदार्थों के नष्ट का स्थान बना लिया गया है। यहीं पर सारे अपशिष्ट जलाए जा रहे हैं। इससे नागरिकों की सेहत पर अब बुरा पड़ने लगा है। एसीसी कंपनी द्वारा कंपनियों से कचरा मंगवाया जा रहा है। कैमोर के नागरिकों का कहना है कि कलहरा रोड पर बड़ी तादाद में कैमोर के नागरिक टहलने जाते हैं। लेकिन यहां पर कोरोना के सेंटर रहे, पुणे व नोएडा जैसे शहरों का कचरा आ रहा है। इससे यहां पर कोरोना संक्रमण फैलने की भी आशंका बढ गई है। इसे लेकर नागरिकों में दहशत है। नागरिकों ने कहा कि अब कैमोर को कचरा जलाने का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। यदि इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगी तो नागरिक जनांदोलन के लिए मजबूर होंगे। नागरिकों का कहना है कि पिछले दिनों उनके विरोध के बाद कार्रवाई हुई भी हुई तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हुई जबकि इसमें महामारी एक्ट को भी जोड़ा जाना चाहिए था।

बताया जा रहा है कि कैमोर में नोएडा, पुणे जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों से कचरा आ रहा है जिसे एसीसी कैमोर में नष्ट किया जाता है। लेकिन कचरा लाने और उसके निस्तारण में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे अब कैमोर निवासियों में दहशत है। उन्होंने इस कचरे की फोटो और वीडियो पीएमओ और सीएम शिवराज सिंह चौहान के ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किए तो कैमोर पुलिस हरकत में आ गई।

टीआई अरविंद जैन के अनुसार मामला संज्ञान में आने के बाद कैमोर पुलिस सक्रिय हुई और एक ट्रक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आलोक जैन का कहना है कि, जिले में जहां पर भी प्रदूषण की समस्या है। यदि वहां मानकों का पालन नहीं हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।

वहीं कैमोर एसीसी के एचआर एचपी सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। कार्रवाई की जाएगी। कचरा किसी पंचायत में नहीं रखवाया जाएगा।

उधर नागरिकों का आरोप है कि देश भर के कचरे के निस्तारण का ठेका एसीसी कैमोर ने ले रखा है। नियमों के पालन करने की शर्त पर ही प्रशासन ऐसे पदार्थों की निस्तारण की अनुमति देता है, लेकिन फिलहाल इन मानकों का खुला उल्लंघन हो रहा है। ट्रकों पर लाद कर कचरा आ रहा है और ट्रक के चालक व खलासी मजदूरों से इसे ग्राम पंचायत कलहरा क्षेत्र के अंतर्गत झुकेही रोड पर जहां-तहां गिरवा कर चल देते हैं। ऐसे में कोरोना काल में इस तरह कचरा फेंके जाने से संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर क्षेत्रीय जन दहशत में हैं।

Show More
Ajay Chaturvedi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned