बिजली घरों में कोयला संकट के बीच 6 महीने मेंं कटनी से दौड़ी 444 लांगहॉल

58-58 मालगाड़ी डिब्बों को जोड़कर बनती है एक लांगहॉल, 2015-16 से पटरी पर दौड़ रही ऐसी मालगाड़ी.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 11 Oct 2021, 11:30 PM IST

कटनी. पॉवरहाउस में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की कमीं के बीच पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) के अकेले कटनी जंक्शन से अप्रैल से सितंबर 2021 के बीच 6 महीने के दौरान 444 लांगहॉल मालगाड़ी दौड़ाई। इनमें ज्यादातर का उपयोग कोयला परिवहन के लिए किया गया। लांगहॉल एक साथ 58-58 डिब्बों की दो मालगाड़ी को जोड़कर 116 डिब्बों के साथ चलाई जाती है। भारतीय रेलवे ने लांगहॉल मालगाड़ी 2015-16 से चलाना प्रारंभ की है।

पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ राहुल जयपुरियार बताते हैं कि 6 महीने में कटनी एनकेजे से 444 लांगहॉल मालगाड़ी चली। इसमें क्रू स्टॉफ से अधिक मालगाड़ी का संचालन, तेज गति से कम समय में ज्यादा माल परिवहन, एक साथ दो मालगाड़ी चलने से ट्रैक पर दूसरी ट्रेनों के लिए स्थान मिलने जैसी दूसरे फायदे शामिल हैं। रेल अधिकारी बताते हैं कि लांगहॉल चलाने में एक साथ क्रम कर्मचारियों की मदद से ज्यादा कोयला व दूसरे माल निश्चित स्थान तक पहुंचाई जा रही है। इसमें समय की भी बचत होती है।

6 महीने में कटनी से इन रुटों पर दौड़ी लांगहॉल
- 311 कटनी-सिंगरौली
- 118 कटनी-रुठियाई
- 12 एनकेजे-आगासौद
- 03 एनकेजे - एनटीपीसी गाडरवारा

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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