बड़ी लापरवाही-तो यहां हाथ में ही ब्लॉस्ट हो जाती इन्सॉस, रायफल, पिस्टल, देखें वीडियो

ट्रेन व स्टेशन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी के पास हथियार तो है लेकिन जरूरत के समय यह काम नही करेगा। हथियारों को सुरक्षित रखने में जीआरपी द्वारा लापरवाही बरती गई। आलम यह है कि सभी इंसॉस, रायफल व पिस्टल में कार्बन जमा था। दो मैग्जीन खराब मिली। कैमरे भी असुरक्षित थे।

 

By: dharmendra pandey

Published: 04 Jun 2019, 12:18 PM IST

Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

कटनी. स्टेशनों व ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी को हथियार मुहैया कराए गए हैं। जिन हथियारों की दम पर अपराधी खौफ खाते हैं उन्हीं की सुरक्षा में बड़ी बेपरवाही सामने आई है। जीआरपी को जो हथियार मिले हैं उनमें से अधिकांश की हालत ऐसी थी कि यदि जरुरत पडऩे पर उनका उपयोग किया जाता तो वे न सिर्फ ब्लॉस्ट हो जातीं बल्कि चलाने वाले को भी नुकसान पहुंचाती और अपराधी बच निकलता वह अलग। सभी में बड़ी मात्रा कार्बन लगा हुआ था और कई मैग्जीन खराब थे। यह खुलासा सोमवार को उस दौरान हुआ जब एसआरपी के निर्देशन में जबलपुर से दो सदस्यीय जांच टीम जीआरपी थाना कटनी पहुंची। एसआरी सुनील कुमार जैन के निर्देशन में सूबेदार अखिलेश कुमार कुशवाहा व आरमोरर सुनील जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जीआरपी को जो हथियार मुहैया कराए थे उनकी एक-एक करके जांच की।

निर्देशों की हुई अनदेखी
टीम ने रायफल एसएलआर-303, इन्सॉस, पिस्टल व रिवाल्वर सहित राउंडों की जांच की। जांच में सभी वैपंस में कॉर्बन लगा पाया गया जो उनके लिए बेहद घातक था। कॉर्बन के कारण हथियार न सिर्फ चल नहीं पाते बल्कि बैरल ब्लॉस्ट भी हो सकता था। जांच करने पहुंची टीम ने बताया कि इस हथियारों की हर रविवार सफाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जीआरपी कटनी द्वारा मुख्यालय के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

खास-खास:
- सात कैमरे कराए गए थे मुहैया, एक ही मिला चालू, 6 कैमरे निकले खराब, उसकी नहीं दी थी सूचना।
- एक गार्ड के बीच दो होनी थी रायफल, 20 के स्थान पर थीं 14, छह की अब भी बनी हुई है कमी।
- जबलपुर से आइ टीम की औचक जांच में मिले दो हथियार खराब, पिस्टल की भी नहीं कराई जा रही थी सफाई।
- पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट, बेपरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ होगी कार्रवाई।

तीन साल से नहीं इन्वेस्टिगेशन किट का उपयोग:
जांच टीम ने पाया के जीआरपी कटनी को तीन साल पहले इन्वेस्टिगेशन किट मुहैया कराई गई थी। जिसमें मर्डर सहित अन्य संगीन अपराधों में उसका उपयोग होता है। उसमें मैग्नीफाइन ग्लास, टॉर्च, ग्लब्स, एक्सीडेंट प्वाइंट को कवर्ड करने की पट्टियां, दिशा ***** यंत्र, फस्टेड बॉक्स सहित अन्य जरुरी सामग्री रहती है। बताया जा रहा है कि जबसे यह किट आई है वह वैसी ही रखी है।

इनका कहना है
एसपी के निर्देश पर जीआरपी थाने में हथियारों की जांच की गई। जांच में पाया हथियारों की स्थिति ठीक नहीं है। बैरलों में जंग लगा है। प्रति रविवार सफाई करना था, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ। 7 डिजिटल कैमरे दिए गए थे उसमें से एक ही चालू है। साफ न होने से कॉर्बन जमा है। यदि इस स्थिति में उपयोग होता तो ये फायर नहीं होते और बैरल ब्लॉस्ट हो जाता। जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी जाएगी।
अखिलेश कुमार कुशवाहा, सूबेदार।
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बारिश के पूर्व हथियारों की जांच होती है। यदि किसी हथियार में जंग आदि लगा है तो उसे ठीक कराया जाएगा। उपयोग के कारण कैमरे खराब हुए हैं। एक चल रहा है।
डीपी चड़ार, टीआइ जीआरी।

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