जीएसटी का पक्का बिल नहीं देना पड़ा भारी

वाणिज्य कर विभाग ने लगाया बीस हजार रूपये का जुर्माना.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 29 Jun 2020, 10:23 PM IST

कटनी. आमतौर पर शहर में चर्चा होती रहती है कि उपभोक्ता को खरीदी के बिल नहीं दिये जाते। लेकिन कोई भी उपभोक्ता इस आशय की शिकायत, नियम और प्रावधानों के अनुसार वाणिज्यिक कर विभाग या उपभोक्ता फोरम में करने की जहमत नहीं उठाते।

इधर कटनी शहर के एक जागरुक उपभोक्ता ने व्यवसायी द्वारा पक्का बिल नहीं दिये जाने की लिखित शिकायत सहायक आयुक्त राज्यकर वृत्त-2 कार्यालय में की। शिकायत की जांच सहायक आयुक्त उमेश त्रिपाठी द्वारा जांच निरीक्षक राज्यकर से करवाई और व्यवसायी को बिल नहीं दिये जाने का दोषी पाये जाने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित कर दिया।

उपभोक्ता आरआर अवस्थी द्वारा कटनी शहर के एग्रीकल्चर इक्युपमेन्ट, पानी की टंकी, पाईप एवं मोटर विक्रय करने वाले प्रतिष्ठान गोपाल एंड संस से एक नग विद्युत मोटर खरीदी और पक्का बिल की मांग की। जिस पर व्यवसायी द्वारा उपभोक्ता को कच्चा बिल दिया और बिलबुक छपने की जानकारी देकर पक्का बिल देने से इन्कार कर दिया।

जागरुक उपभोक्ता ने इसकी शिकायत वाणिज्यक कर विभाग कटनी को लिखित रुप से की। प्राप्त शिकायत की जांच निरीक्षक राज्यकर से कराई गई तथा व्यवसायी से स्पष्टीकरण मांगा गया। व्यवसायी ने बताया कि विक्रय दिनांक को बिल बुक नहीं होने और मार्च से लॉकडाउन के कारण नये वर्ष की बिल बुक नहीं छपवा पाये।

बिल बुक प्राप्त होते ही इन्द्राज कर संबंधित को बिल दिया जायेगा। सहायक आयुक्त ने व्यवसायी के स्पष्टीकरण को समाधानपूर्ण नहीं पाने और निरीक्षक राज्यकर के प्रतिवेदन के आधार पर पाया कि प्रकरण में व्यवसायी द्वारा एसजीएसटी अधिनियम 2017 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। इस पर व्यवसायी को सुनवाई का अवसर देते हुये 20 हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।

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raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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