इस शहर में शूकर लोगों को बना रहे बीमार

इस शहर में शूकर लोगों को बना रहे बीमार

sudhir shrivas | Publish: Feb, 15 2018 05:57:59 PM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

प्रतिबंध के बाद भी शहर में शूकर पालन, वार्डों के भीतर झुंड के रूप में घूमते रहते हैं शूकर

कटनी। शहर के भीतर शूकर पालन प्रतिबंधित है। उसके बाद भी पालन नहीं हो रहा। निगम अफसरों द्वारा शूकर पालन पर रोक भी नहीं लगाई जा रही, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा। शहर के भीतर शूकर पालन होने से लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे। आलम यह है कि शहर के अंदर शूकर पालन होने से बड़ी संख्या में इनका झुंड वार्डो तक पहुंचता जहां पर ये गंदगी फैलाते है।

जानकारों की मानें तो राज्य सरकार द्वारा शहर के भीतर शूकर पालन पर पूरी तरह पर प्रतिबंध लगाया गया है। अधिनियम में शूकर को मारने तक का प्रावधान है लेकिन शहर वासियों के लिए मुसीबत बन चुके इन जानवरों पर नगर निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

स्वाइन फ्लू से छह की हो चुकी लोगों मौत
शूकरों के माध्यम से होने वाली स्वाइन फ्लू की बीमारी से सालभर के भीतर लगभग ६ लोगों की मौत भी हो चुकी है। उसके बाद भी निगम प्रशासन लापरवाह बना है। वार्डों में घूम रहे शूकरों को न तो पकड़वाया जा रहा है। न ही शहर के भीतर शूकर पालन को प्रतिबंधित करने जैसी कोई कार्रवाई की गई। पिछले माह नगर निगम ने कुछ क्षेत्रों में शूकरों को पकडऩे की कार्रवाई की थी लेकिन कुछ दिन तक चला ये अभियान अब बंद है।

एक्सपर्ट व्यू
शूकरों के माध्यम से स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारियों का लोग शिकार होते हंै। इसके साथ ही कालरा, टाइफाइट, हेपेटाइटिस ए, डायरिया, डिसेंट्री, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां भी शूकरों के द्वारा गंदगी फैलाने के कारण ही होती है। इसमें से सबसे गंभीर बीमारी स्वाइन फ्लू है, जिससे ग्रसित होने पर व्यक्ति की तुरंत मौत हो जाती है।
डॉ. राममणि पटेल, बीएमओ, बरही

इनका कहना है
शहर के भीतर पूरी तरह से शूकर पालन प्रतिबंधित है। वार्डों में घूमने वाले शूकरों को पकड़वाने की कार्रवाई की जाएगी। -एकता अग्रवाल, सहायक आयुक्त

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