breaking: होटल-हॉस्टल से लेकर रेस्ट हाउस में ठहरने वालों की जानकारी पुलिस वेबसाइड में होगी अपलोड, जानिए क्यों

breaking: होटल-हॉस्टल से लेकर रेस्ट हाउस में ठहरने वालों की जानकारी पुलिस वेबसाइड में होगी अपलोड, जानिए क्यों
शहर में लगातार बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने प्रशासन और पुलिस की पहल.

raghavendra chaturvedi | Updated: 15 Jul 2019, 09:07:47 AM (IST) Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

शहर में लगातार बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने प्रशासन और पुलिस की पहल.

संस्थानों को पंजीयन के लिए कलेक्टर ने पत्र जारी कर एक माह का तय किया गया समय.

समय पर जानकारी नहीं देने वाले संस्थानों पर होगी ठोस कार्रवाई.

कटनी. जिलेभर में लगातार बढ़ रहे अपराध पर नियंत्रण के लिए अब प्रशासन और पुलिस ने नई पहल शुरू की जा रही है। इसमें जिलेभर में संचालित सभी धर्मशाला, होटल, हॉस्टल व ऐसे दूसरे प्रतिष्ठानों को वहां ठहरने वालों की जानकारी एमपी पुलिस की अतिथि वेबसाइड में अपलोड करनी होगी।

होटलों से अपलोड होने वाली ऐसी जानकारी को पुलिस ऑनलाइन ही वेरीफिकेशन करेगी और जरुरत पडऩे पर त्वरित कार्रवाई की योजना बनाएगी। इसके लिए कलेक्टर ने सभी संंबंधित संस्थानों को एक माह का समय दिया है।
आश्रम, वेडिंग हाउस, सर्किट हाउस, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, छात्रावास, होटल, लॉज, मोटल, पेइंग गेस्ट, रिजार्ट, रेस्ट हाउस और किराए पर दी जाने वाली पापर्टी के संचालकों को ठहरने वालों का पहचान पत्र और फोटो एमपी पुलिस की अतिथि डाट एमपीपुलिस डाट जीओवी डाट इन वेबसाइड पर अपलोड करनी होगी।

 

मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना: ट्रेड मांगा कम्प्यूटर, लड़कों को ब्यूटीपार्लर ट्रेनिंग के लिए चुना, काम कराया सुविधाघर सर्वे का

वर्तमान में होटल व अन्य स्थानों पर ठहरने वालों की जानकारी मैनुअली पुलिस को दी जाती है। इस व्यवस्था में समय लगता है, और कई बार अपराधी वारदात को अंजाम देकर दूर निकल जाते हैं। इस व्यवस्था को लेकर एसपी भी जिला प्रशासन को अवगत भी करा चुके हैं कि ठहरने वालों की जानकारी एकत्र होने में विलंब होता है और वारदात के बाद जांच पर असर पड़ता है।

 

रात में बारुद सुबह होते-होते बन गई पटाखा की टिकिया!

 

कलेक्टर एसबी सिंह के अनुसार सराय अधिनियम 1867 की धारा 05 के तहत आदेश जारी होने के एक माह में सभी संबंधित संस्थानों को वेबसाइड में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है। इस आशय के आदेश 11 जुलाई को जारी किए गए हैं।

एसपी ललित शाक्यवार का कहना है कि एमपी पुलिस की अतिथि वेबसाइड में जानकारी अपलोड के बाद जरुरत पडऩे पर जांच में सुविधा होगी। एक माह बाद पता चलेगा कि इसमें कितने संस्थानों ने पंजीयन करवाया और कितने समय पर जानकारी अपलोड कर रहे हैं।

 

एसपी ने बरही टीआइ को लगाई फटकार, पूछा पीडि़त बुजुर्ग की चार शिकायत पर क्यों नहीं की कार्रवाई

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned