इस जिले में हो रही अनूठी पहल: पुलिस को जानने विद्यार्थी कर रहे ये पढ़ाई, लोगों को होगा ये फायदा

छात्र जनता को बताएंगे किस तरह हमारी पुलिस करती है काम, 15 विद्यार्थी कर रहे पुलिस पर इंटर्नशिप, विवेचना सहित अन्य कार्रवाई की ले रहे ट्रेनिंग, डेढ़ माह का कोर्स कंपलीट होने पर देंगे मिनिट्स, पुलिस करेगी प्रोत्साहित

By: balmeek pandey

Updated: 20 Jul 2018, 11:42 AM IST

कटनी. लगातार बढ़ रही आबादी के साथ अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिस को क्राइम कंट्रोल के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन सबके बीच अब भी लोगों में पुलिस को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं कि पुलिस लोगों की समस्या को सुनती नहीं है, जांच के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता है, या फिर आरोपियों को पुलिस बचा रही है? तरह-तरह के मन में सवाल उठते हैं इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर तत्कालीन एसपी अतुल सिंह ने जिले में नवाचार शुरू किया था, जिसका क्रियान्वयन सीएसपी विजय प्रताप सिंह कर रहे हैं। शहर के 15 विद्यार्थी पुलसिंग पर इटर्नशिप कर रहे हैं, जिसका मकसद है कि वे पुलिस के बारे में बारीकी से जानें और फिर उसे जनता के बीच जाकर बताएं कि आखिर 'देश भक्ति जन सेवाÓ के तमगे के साथ हमारी पुलिस चुनौतियों के बीच किसत तरह से काम करती है।

डेढ़ माह के लिए कर रहे कोर्स
पुलिस के बारे में जानने, पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध कैसे हो रहे हैं, किस तरह के व्यक्तियों द्वारा कैसे अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है आदि विषय में पारंगत होने के लिए शहर के कॉलेजों के 15 विद्यार्थी 1 जून से डेढ़ माह के लिए शुरू हुए पुलसिंग इंटर्नशिप में भाग लिए हैं। इन सभी विद्यार्थियों को कोतवाली, माधवनगर, एनकेजे, कुठला सहित ग्रामीण क्षेत्र के थानों के टीआई व थाना प्रभारी सहित सब इंस्पेक्टर के साथ अटैच किया गया है, जो घटना के वक्त मौके पर जा रहे हैं। पुलिस द्वारा की जा रही जांच सहित अन्य गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। 12 जुलाई को पहले बैच का समापन किया जाना था, लेकिन बच्चे और पारंगत हो जाएं, इसलिए समय सीमा बढ़ाई गई है।

यह है पुलसिंग इंटर्नशिप का उद्देश्य
कटनी जिले में यह नवाचार किए जाने का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच पनप रही दूरी को कम करना है। विद्यार्थी अपराध, अपराधों के रोकथाम के प्रयास, ट्रैफिक सिस्टम, साइबर क्राइम, बच्चों पर घटित हो रहे अपराध, महिला हिंसा, महिलाओं के साथ घटित होने वाले अपराध सहित अन्य मामलों को बारीकी से जान रहे हैं। पुलिस का मानना है कि पुलिस समाज के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकती, इसलिए लोगों में पुलिस के प्रति गलत धारण को कम करने यह पहल हो रही है। विद्यार्थी अध्ययन के बाद समाज में जाकर लोगों को बताएंगे कि हमारी पुलिस कैसी है, कैसे कार्रवाई करती है, आखिर क्यों अपराधियों को जनता की सोच के मुताबिक कार्रवाई नहीं कर पाते।

किए जाएंगे प्रोत्साहित
सीएसपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद विद्यार्थी 3 हजार शब्दों में मिनिट्स जमा करेंगे। उसका रिजल्ट बनेगा। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रमाण पत्र भी विद्यार्थियों को दिया जाएगा। जरुरत पडऩे पर जांच आदि में इन विद्याथियों का पुलिस सहयोग भी लेगी।

balmeek pandey Reporting
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