लॉकडाउन के 80 दिन में महज 234 सैंपलिंग

स्वास्थ्य विभाग के एक चिकित्सक ने यहां तक कहा कि प्रशासन के एक अफसर का दबाव है कि ज्यादा संैपलिंग नहीं की जाए.

By: raghavendra chaturvedi

Updated: 14 Jun 2020, 11:39 AM IST

कटनी. देश का प्रमुख रेलवे जंक्शन और नेशनल हाइवे 30 व 43 का जंक्शन होने के कारण यहां से प्रवासी मजदूरों का आवागमन बहुतायत में हुआ है। इसके अलावा दूसरे नागरिक भी घर वापसी के दौरान कटनी होकर ही गुजरे हंै। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जानकार बताते हैं कि जंक्शन होने के कारण कटनी में कोरोना का खतरा भी प्रदेश से दूसरे शहरों से कहीं अधिक है।
इन सबके बीच कटनी में अगर कोरोना जांच के लिए अब की गई सैंपङ्क्षलग पर नजर डालें तो 22 मार्च को जनता कफ्र्यू लगने के बाद से अब तक 83 दिन में महज 234 सैंपलिंग हुई है। सैंपलिंग का यह आंकड़ा कटनी के पड़ोसी और कम जनसंख्या वाले जिलों से भी कम है। पड़ोसी जिले उमरिया में 12 जून तक 776 और पन्ना जिले में 650 से ज्यादा सैंपलिंग हुई है।
कटनी जिले में सात से तेरह जून के बीच सैंपलिंग की संख्या 38 ही रही है। इसमें सर्वाधिक सैंपलिंग पॉजिटिव मिले कांग्रेस नेता की चैन में शामिल लोगों की रही। इसमें परिवार के सदस्य और कार्यालय स्टॉफ मिलाकर 27 लोगों की सैंपलिंग हुई। इसमें से 13 जून को 4 की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आई और कटनी में कुल पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 8 पहुंच गई।

Corona virus
raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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