VIDEO: एक माह पहले 32 किसानों ने करेला केंद्र में बेची धान, पोर्टल में नहीं की दर्ज, रुपये आ रहे न धान लौटा रहा खरीदी केंद्र प्रभारी

एक माह पहले समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले किसानों के साथ बेपरवाही किए जाने का मामला सामने आया है। बरही तहसील क्षेत्र के करेला धान खरीदी केंद्र में 16 जनवरी को धान की तौल 1 दर्जन से अधिक किसानों की हुई थी। लेकिन केंद्र प्रभारी द्वारा उन्हें पोर्टल में नहीं चढ़ाया गया और ना ही टोकन जारी किया। जिससे उनको अब तक भुगतान नहीं मिल पाया।

By: balmeek pandey

Published: 19 Feb 2020, 09:30 AM IST

Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

कटनी. एक माह पहले समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले किसानों के साथ बेपरवाही किए जाने का मामला सामने आया है। बरही तहसील क्षेत्र के करेला धान खरीदी केंद्र में 16 जनवरी को धान की तौल 1 दर्जन से अधिक किसानों की हुई थी। लेकिन केंद्र प्रभारी द्वारा उन्हें पोर्टल में नहीं चढ़ाया गया और ना ही टोकन जारी किया। जिससे उनको अब तक भुगतान नहीं मिल पाया। किसानों ने कहा कि उन्होंने तहसील, जिला स्तर के अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता की है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने जिला अधिकारियों सहित खाद्य अधिकारी को समस्या बताई। किसान प्रभु दयाल गुप्ता, रामकृपाल साहू, प्रभु दयाल नामदेव, जगमोहन सिंह, दद्दी साहू, राममिलन साहू,प्रभु शरण गुप्ता, पूरनलाल साहू, राम गोपाल साहू, सुशील तिवारी, कनछेदी साहू, उत्तरा बाई, छोटे लाल साहू, रामभवन साहू, पुत्तिबाई, दरबारी, सुखी लाल, जगदीश, अच्छेलाल, प्रद्युम्न तिवारी, आसाराम आदिवासी, शिवलाल कल्याण, अवसर साहू, गयादीन साहू, राम खिलावन साहू रामधनी साहू, आसाराम आदि किसान परेशान हैं जो केंद्र प्रभारी की मनमानी से परेशान हैं।

 

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धान मिल रही न हल हो रही समस्या
किसानों ने कहा कि खरीदी केंद्र प्रभारी प्रमोद गुप्ता की मनमानी से सभी किसान त्रस्त हैं। 15 दिन तक आश्वासन देता रहा कि काम हो जाएगा। भुगतान आ जाएगा, लेकिन अब कह रहा है कि मेरे हाथ में कुछ नहीं है। किसानों का कहना है कि 32 किसानों की सैकड़ों क्विंटल धान भी रख लिया है। धान भी वापस नहीं मिल रही है। ऐसे में केंद्र में धान बेंचकर किसान बेमौत मर रह हैं। रुपये न मिलने से बिजली का बिल, कर्ज आदि नहीं चुका पा रहे। बिजली कनेक्शन कट रहे हैं, जिससे फसल सूख रही है। तहसील से लेकर जिला के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। किसानों ने चेताया है कि एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। किसानों का आरोप था कि जिला खाद्य अधिकारी ने कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि हम कोई मदद नहीं कर सकते।

इनका कहना है
किसानों ने गलती की है। टोकन पर्ची के बगैर ही धान दे दी। हमारे स्तर से कोई कार्रवाई संभव नहीं है। किसान केंद्र प्रभारी से ही बात करें। यदि केंद्र प्रभारी की शिकायत करते हैं तो उसको अगली बार प्रभारी नहीं बनाएंगे।
पीके श्रीवास्तव, जिला खाद्य अधिकारी।

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