महाराष्ट्र के सोलारपुर में बंधक बने कटनी के मजूदर मुक्त

-अपने गांव-घर पहुंचे, अपनों संग मिल कर डबडबा आई आखें

By: Ajay Chaturvedi

Published: 09 Jan 2021, 02:33 PM IST

कटनी. महाराष्ट्र के सोलारपुर में बंधक बनाए गए कटनी के 50 से अधिक मजदूर आखिरकार मुक्त हो गए। शुक्रवार की देर रात करीब 2 बजे सभी श्रमिक सकुशल कटनी के स्लीमनाबाद पहुंचे। अपने गांव पहुंच कर और अपनों से मिल कर उनकी आंखें डबडबा आईँ।

मुक्त मजदूरों के अनुसार स्लीमनाबाद थाना के धनवाही और कारीपाथर के मजदूरों को करीब 45 दिन पहले स्थानीय दलालों की मदद से महाराष्ट्र के सोलापुर ले जाया गया था। उनसे गन्ना कटाई करवानी थी। तय हुआ था कि इन्हें प्रतिदिन 400 रुपये मजदूरी दी जाएगी। लेकिन वहां पहुंचने के बाद ठेकेदार ने अपने लोगों के साथ मिलकर मजदूरों को बंधक बनाकर मारपीट करना शुरू कर दिया। रुपये न देना, राशन न देना, बीमारों का इलाज न करवाना, मोबाइल जब्त कर लेना जैसे कृत्य भी किए। किसी तरह से इसकी सूचना उन मजदूरों में से किसी ने स्लीमनाबाद अपने गांव-घर वालों को बता दी। इसके बाद यह खबर पत्रिका सहित अन्य मीडिया में भी प्रमुखता से प्रसारित की गई। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सोलारपुर में फंसे सभी मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हुई।

बता दें कि इन मजूदरों के बंधक बनाए जाने की खबर patrika.com ने 5 जनवरी को "कटनी के 50 से अधिक मजदूर सोलारपुर में बंधक" शीर्षक से प्रसारित की थी। उसी दिन मजदूरों के परिजनों ने जनसुनवाई में शिकायत की थी। इसके बाद प्रशासन जागा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।

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कलेक्टर ने बहोरीबंद एसडीएम रोहित सिसोनिया (आईएएस) को प्रकरण की जांच सौंपी। साथ ही तत्काल सारी जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए। एसडीएम सिसोनिया ने बंधक बनाए गए श्रमिकों की जानकारी एकत्र करने के साथ ही श्रमिकों से व्यक्तिगत रुप से बात कर पूरी जानकारी जुटाई। इस पूरी कार्रवाई में पुष्ट हुआ कि श्रमिकों को झांसा देकर सोलारपुर जिले के कंदल गांव नामक स्थान ले जाया गया है, जहां पर इनसे मजदूरी के नाम पर थोड़ा भुगतान किया जा रहा, साथ ही उनके साथ ज्यादती की जा रही है।

शिकायत की पुष्टि होने पर कलेक्टर मिश्रा एवं एसडीएम सिसोनिया ने महाराष्ट्र के अधिकारियों से संपर्क किया। इसमें महत्वपूर्ण सहयोग टीकमगढ़ जिले में पदस्थ एसडीएम सौरभ सोनवाने (आईएएस) का रहा। सोनवाने ने महाराष्ट्र के सोलारपुर जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे से बात की और उन्हें पूरे घटनाक्रम तथा श्रमिकों की समस्या की जानकारी दी।

श्रमिकों की समस्या संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे ने मामले को अत्याधिक गंभीरता से लेते हुए 5 जनवरी को ही विषेश टीम का गठन करते हुए कार्य में लगाया। फिर 24 घंटे में ही छापामार कार्रवाई करते हुए सभी बंधकों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। साथ ही उन्हें वाहनों के माध्यम से मंदरुप थाने ले गए। 7 जनवरी की सुबह तेजस्वी सतपोटे ने विशेष वाहन से बंधनमुक्त कराए गए श्रमिकों को उनके गृह जिला कटनी के लिए सोलारपुर से नागपुर के लिए रवाना किया, जहां से कटनी के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की पहल पर विशेष वाहन से नागपुर से उनके ग्राम धनवाही, कारीपाथर, बंधी स्टेशन सकुशल लाया गया।

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक सोलापुर तेजस्वी सतपोटे, इंसपेक्टर महाराष्ट्र पुलिस नितिन थेटे और एसडीएम टीकमगढ़ सौरभ सोनवाने का विशेष योगदान रहा है। कलेक्टर कटनी मिश्रा ने इस कार्य में लगे सभी सदस्यों का जिला प्रशासन की तरफ से आभार भी जताया।

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