बसों की बढ़ी संख्या, सिकुड़ रहा बस स्टैंड, ये हो रही परेशानी....

बस स्टैंड में वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर रहे चालक, अंतरराज्यीय स्टैंड का काम भी अधर में

By: mukesh tiwari

Updated: 03 Dec 2019, 11:58 AM IST

कटनी. प्रियदर्शनी बस स्टैंड में एक ओर सौंदर्यीकरण के नाम पर राशि खर्च की जा रही है तो दूसरी ओर यात्रियों व संचालकों की परेशानी कम नहीं हो रही है। स्टैंड से जितनी बसों का संचालन होता है, उसके अनुसार उन्हें खड़ा करने का स्थान ही पर्याप्त नहीं है। ऐसे में चालक आड़ी-तिरछी बसें खड़ी करते हैं तो यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के एकमात्र बस स्टैंड की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी। वर्तमान में 300 से अधिक बसों का यहां से संचालन होता है। उनके लिए परिसर में मात्र एक दर्जन ही प्लेटफार्म हैं। स्थान छोटा पडऩे के कारण रात को हाल्ट करने वाली बसों के चालक वाहनों को पेट्रोल पंपों में ले जाकर खड़ा करते हैं। इतना ही नहीं बस स्टैंड में लोगों ने पुराने वाहनों को रख छोड़ा है और उनको हटाने के नाम पर कार्रवाई हर बार सिर्फ नोटिस तक सीमित रही है। बसों की संख्या बढऩे के चलते पुरैनी के पास अंतरराज्यीय बस स्टैंड बनाने की योजना तैयार की गई थी, जिसमें स्थान मिल जाने के बाद भी आज तक काम शुरू नहीं हो पाया है।

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ऑटो भी बने परेशानी
बसों के आते ही ऑटो चालकों की धमाचौकड़ी भी संचालकों की परेशानी बनी हुई है। ऑटो चालक बसों के गेट से प्रवेश करते ही सवारियों के लिए चारों ओर से घेर लेते हैं और ऐसे में बस चालकों व यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। ऑटो खड़ा करने स्टैंड में स्थान निर्धारित है लेकिन उसमें चंद वाहन ही दिखाई देते हैं।
इन रूटों में होता है संचालन
बस स्टैंड से नागपुर, जबलपुर, शहडोल, रीवा, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, सतना, भोपाल, इंदौर, बालाघाट, सीधी सहित अन्य बड़े शहरों को बसों का संचालन होता है। इसके अलावा स्थानीय रूटों में कैमोर, विजयराघवगढ़, रीठी, शाहनगर, मैहर, उमरियापान, ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद, बाकल, बिलहरी व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों को बसों की सुविधा है।
इनका कहना है...
स्टैंड जब बना था, तब बसों की संख्या भी कम थी। वर्तमान सैकड़ों बसों का संचालन हो रहा है। उसके हिसाब से कॉम्पलेक्स आदि बनने से जगह कम हो गई है। ङ्क्षझझरी में स्थाई रूप से मिनी स्टैँड बनने से भी समस्या कम होगी। परिसर में खड़े पुराने वाहन भी हटाए जाने चाहिए।
सत्यदर्शन मिश्रा, अध्यक्ष बस ऑपरेटर एसोसिएशन

~ बस स्टैंड में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार चल रही है। जबलपुर व ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बसों का दबाव कम करने झिंझरी में मिनी बस स्टैंड बनाने का काम कराया जाएगा। अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त कराया जाएगा।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम

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