सीएससी डिजिटल इंडिया अभियान: हर पंचायत में होगी बैंकिंग प्रणाली, युवाओं को स्वालंबी बनाने मिलेगा लोन, योजना का लाभ उठाने पढ़ें खबर

बिचौलियों से मिलेगी राहत, सीएससी से होगा बैंकिंग सेवा का ग्रामीण क्षेत्रो में विस्तार, भारत सरकार के सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय अंतर्गत संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस की जा रही पहल

By: balmeek pandey

Published: 02 Jun 2019, 04:31 PM IST

कटनी. जिले में युवाओं को स्वालंबी बनाने व ग्रामीणों की परेशानी को कम करने के लिए नवाचार हो रहा है। सीएसी के माध्यम से जिले में करीब अभी तक 150 वीएलइ के एकाउंट ओपन किये जा चुके हैं। लगभग 50 लोगो ने इसके आगे के चरण की प्रक्रिया पूर्ण की है। विभिन्न क्षेत्र सहित 9 लोगों को इस कार्य करने के लिए अनुमति मिल गई है। बता दें कि भारत सरकार के सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय अंतर्गत संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस द्वारा विगत समय एक निजी बैंक के साथ साझा समझौता किया गया था। जिसको सरकार के गठन होते ही अमली जामा सीएससी के द्वारा प्रदान किया जाने लगा है, सीएससी डिजिटल इंडिया अभियान का एक अभिन्न अंग है जिसके अंतर्गत न केवल सेवाएं बल्कि लोगो को रोजगार और स्वावलंबी बनाने का महत्वपूर्ण श्रेय है। अभी तक सम्पूर्ण देश मे साढ़े तीन लाख से अधिक सीएससी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान की जा रही है। जिसमे जीटूसी ओर बीटूसी सेवा के अलावा बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किल्ड इत्यादि शामिल हैं। 'डिजिटल डॉक्टर डिजिटल टीचर डिजिटल बैंकर' के उद्देश्य को लेकर सीएससी ने बैंकिंग क्षेत्र में भी कार्य प्रारंभ कर दिए हैं। जिसका असर जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में भी जल्द ही मिलने लगेगा,अभी तक ग्रामीण क्षेत्रो के लोगो को पैसे निकालने, एकाउंट खोलने के लिए शहर आना होता था, जहां पैसे और समय दोनों बर्बाद होते थे। असुविधा को देखते हुए कई बिचौलिया भी सक्रिय हो चुके थे, जो कि विभिन्न माध्यमों से हितग्राहियों से पैसे निकाल लेते थे और अधिक चार्ज या रकम गायब करते थे, लेकिन सीएससी के आधार एनबिल पैमेंट सिस्टम डीजीपे से आहरण प्रारम्भ हुआ। उसके बाद अब बैंकिंग लेन देन के लिए बैंक अकाउंट प्रक्रिया एक निजी बैंक के साथ मिलकर प्रारम्भ की गई है। जिसमे अब हितग्राही अपने गावं अपने पंचायत के किसी भी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपना बैंक खाता खुलवा सकेंगे जो पूर्णत: निशुल्क रहेगा।

बैंक के चक्कर होंगे खत्म
बैंक के साथ मिलकर सीएससी संचालक अपने केंद्र से ही खाता खोलने के साथ-साथ जरूरत मंद लोगों को लोन के आवेदन भी स्वीकार करेंगें, इसमे होने वाली कमीशन बाजी से भी राहत मिलेगी साथ ही बैंक आने जाने के समय मे भी बचत होगी। जिले के एक निजी बैंक से जोडऩे के लिए सर्वप्रथम कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक जिन्हें वीएलई कहा जाता है का करेंट एकाउंट जिला प्रबंधक के द्वारा खोला जाएगा। एकाउंट प्रक्रिया पूर्णत: डिजिटल होगी। जिसमें वीएलई की सम्पूर्ण जानकारी, पता, फोटो इत्यादि मोबाइल एप्प से संग्रहित की जाएगी। इसके बाद वीएलइ सेवा प्रदान करने के लिए अपना बैंक मित्र के लिए पंजीयन करेगा और ऑनलाइन परीक्षा पास करेगा। साथ ही आइआइबीएफ का टेस्ट पास करेगा। चयन के बाद उसका पगक्रिया के लिए अनुमति मिलेगी तथा कुछ समय के बाद उसको भौतिक सत्यापन और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।

इनका कहना है
जिले में करीब अभी तक 150 वीएलइ के एकाउंट ओपन किये जा चुके हैं। लगभग 50 लोगो ने इसके आगे के चरण की प्रक्रिया पूर्ण की है। विभिन्न क्षेत्र सहित 9 लोगों को इस कार्य करने के लिए अनुमति मिल गई है। आने वाले दिनों में हमारा जिले की समस्त पंचायतो में कार्य प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। बैंकिंग सर्विस के उपयोग और जागरूकता के लिए भी कार्य किये जा रहे हैं। इस सेवा से सेविंग, करंट, प्रोपराइटरशिप के एकाउंट के साथ ही होम लोन, सेल्फ हेल्प लोन, पर्सनल, ऑटो, टू व्हीलर लोन के आवेदन किये जा सकते हैं। इस प्रक्रिया को करने पर वीएलइ को इसका पारिश्रमिक कमीशन के तौर पर प्राप्त होगा।
उपेंद्र त्रिपाठी, जिला प्रबंधक।

balmeek pandey Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned