पढ़ाई के लिए छाता बनाया, ट्यूशन पढ़ाया, फिर जिले की मैरिट सूची में बनाया स्थान, देखें वीडियो

कक्षा 10वीं के छात्र आनंद की मेहनत लाई रंग, जिले की मैरिट सूची में पाया दूसरा स्थान बनाई जगह स्कूल से मैरिट सूची में नाम होने की सूचना मिलते ही मां के छलके आंसू

 

By: dharmendra pandey

Published: 17 May 2019, 12:08 PM IST

Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

कटनी. गरीबी से जूझती एक मां की आंख से निकलते आंसू बुधवार को रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। ये आंसू दुख के नहीं बल्कि खुुशी के थे। आर्थिक तंगी के बीच बेटे को एक अच्छे स्कूल में पढ़ा रही मां को जब पता चला की उसके बेटे ने जिले की मैरिट सूची में स्थान पाया है तो वह खुद के आंसू रोक नही पाई। सूचना मिलते ही बेटे को लेकर स्कूल पहुुंची। स्कूल प्रबंधन ने भी मां व बेटे का गर्मजोशी से स्वागत किया। आर्थिक परिस्थितियों को देखते स्कूल प्रबंधन ने कक्षा 11वीं की पढ़ाई का सारा खर्च खुद ही उठाने को कहा। किड्स केयर स्कूल में कक्षा 10वीं की पढ़ाई करने वाले एनकेजे निवासी छात्र आनंद कुशवाहा के पिता एक निजी बगीचे में फूलों की तकवारी करते हैं। उससे होने वाली आय से चार लोगों के परिवार का खर्च नहीं चल पा रहा था। तो मां ने आर्टिफिशियल माला बनाना शुरू कर दिया। इससे दिनभर में 30 रुपये मिल जाते थे, लेकिन जरूरतेे पूरी नहीं हो पाई। मां व पिता की परेशानी को देखते हुए बेटे आनंद ने हाथ बटाना शुरू कर दिया। स्कूल जाने से पहले वह कारखाना जाता वहा से माला व छाता बनाने का सामान लाकर मां को देता। इसके बाद स्कूल जाता। लौटकर घर पर तीन से चार घंटे पढ़ाई करता। फिर मां व बहन के साथ हाथ बटाता। इससे उसे 40 रुपये मिलना शुरू हो गए। इतना ही नहीं पढ़ाई का खर्च पूरा करने के लिए वह कक्षा 5वीं के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगा। बुधवार को जब परिणाम घोषित हुआ तो वह घर पर ही छाता व माला बना रहा था। छात्र ने बताया कि आगे चलकर वह इंजीनियर बनना चाहता है।

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