रफ्तार पकड़ें रेलवे के ये बड़े प्रोजेक्ट तो हजारों श्रमिकों के हाथों को मिले काम, लॉकडाउन में संकट से उबरने बनेंगे संकटमोचक

कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन से मजदूरों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या मध्यमवर्गीय परिवार के लोग परेशान हैं। सरकारों से मिलने वाली सहायता नाकाफी है। ऐसे में जबतक मजदूरों के हाथों को काम नहीं मिलेगा और मजदूरी नहीं मिलेगी उनका भविष्य गर्त में जाता चला जाएगा। ऐसे में यदि शहर में होने वाले रेलवे के बड़े-बड़े विकास कार्य शुरू हो जाते हैं और मशीनरी के स्थान पर मजदूरों के हाथों को काम मिलता है तो स्थित काफी संवरेगी।

By: balmeek pandey

Published: 01 Jun 2020, 07:01 AM IST

कटनी. कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन से मजदूरों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या मध्यमवर्गीय परिवार के लोग परेशान हैं। सरकारों से मिलने वाली सहायता नाकाफी है। ऐसे में जबतक मजदूरों के हाथों को काम नहीं मिलेगा और मजदूरी नहीं मिलेगी उनका भविष्य गर्त में जाता चला जाएगा। ऐसे में यदि शहर में होने वाले रेलवे के बड़े-बड़े विकास कार्य शुरू हो जाते हैं और मशीनरी के स्थान पर मजदूरों के हाथों को काम मिलता है तो स्थित काफी संवरेगी। हजारों श्रमिकों को रोजगार मिल जाएगा। बता दें कि शहर में रेलवे के 6 बड़े प्रोजेक्ट हैं, जिनपर काम होना है। प्रोजेक्ट स्वीकृत हैं। कई स्टार्ट भी हो गए हैं, लेकिन कोरोना वायरस व बजट के अभाव में ब्रेक लगा हुआ है।

 

बीना-कटनी, कटनी-बिलासपुर थर्ड लाइन
कटनी जंक्शन में यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य बजट व लॉकडाउन के अभाव में रुका है। मुड़वारा रेलवे स्टेशन में टीसी रेस्ट हाउस यह मुड़वारा रेलवे स्टेशन में 52 बिस्तर का बनना है। झलवारा से मझगवां फाटक तक ग्रेड सेप्रेटर लगभग 15 किलोमीटर बनना है। बीना-कटनी, कटनी-बिलासपुर थर्ड लाइन विस्तार का भी काम चल रहा है। कटनी-सिंगरौली डबल लाइन का काम भी हो रहा है। कटनी-सिंगरौली 264 किलोमीटर डबल लाइन हो रही है। इसमें अभी तक कटंगी-खुर्द सल्हना तक 16 किलोमीटर, मझौली से महदया 18 किलोमीटर ही काम हो पाया है। इसके अलावा मुड़वारा स्टेशन में बाउंड्रीवॉल, वेटिंग हॉल, रैम्प, कार्यालय, आरपीएफ चौकी, जीआरपी चौकी, प्रसाधन, मझगवां फाटक में फ्लाइओवर आदि का निर्माण शीघ्र शुरू हो तो हजारों मजदूरों को काम मिलेगा। इन निर्माण कार्यों में संकट के इस दौर में बजट रोड़ा न बने इस पर रेलवे को ध्यान देना होगा।

इनका कहना है
लॉकडाउन धीरे-धीरे खुल रहा है। ट्रेनों का परिचालन शुरू हो रहा है। राज्य सरकार भी अपने रुके हुए प्रोजेक्ट शुरू कर चुकी हैं। कटनी में तीसरी लाइन, मुड़वारा स्टेशन के उपर से गुजरने वाला रेल फ्लाई ओवर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का टिकट निरीक्षक विश्रामालय, मुड़वारा स्टेशन का सौंदर्यीकरण, कटनी मुख्य स्टेशन का वीआइपी रोड, आदि काम शुरू हों, ताकि श्रमिक जो बेरोजगार बैठे हैं उनको काम मिल। मटेरियल सप्लाई से व्यापार चलेगा। श्रमिकों के हित को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू हो हों।
कमल मोहनानी, रेलवे सलाहकार समिति सदस्य।
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रेलवे के कटनी में जितने भी बड़े प्रोजेक्ट हैं वह सब शुरू होने चाहिए। सरकार के नियम-निर्देशों का पालन करते हुए मशीनों का कम और श्रमिकों का अधिक उपयोग हो, ताकि संकट की इस घड़ी में मजदूरों को रोजगार मिल सके। इससे विकास कार्य में तेजी तो आएगी ही साथ में श्रमिकों की रोजी-रोटी चल सकेगी। कार्य स्थल पर सामाजिक दूरी, थर्मल स्कैनिंग, सेनेटाइज का उपयोग अवश्य हो। बजट बाधा न बने। रेलवे के बड़े-बड़े कामों में मजदूरों को लगाकर संकट से उबरा जा सकता है।
हरीश बिल्लोरे, रिटायर्ड डिप्टी सीओएम प्लानिंग रेल।
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इनका कहना है
स्वीकृत प्रोजेक्ट लॉकडाउन के कारण रुके हैं। जैसे-जैसे स्थिति सामान्य हो रही हैं वैसे-वैसे निर्माण कार्य शुरू करा रहे हैं। ज्यादा जरूरी कार्य हैं उनको पहले प्राथमिकता दी जाएगी।
शैलेंद्र कुमार सिंह, जीएम पमरे।

balmeek pandey Reporting
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