मनरेगा में बहाया पसीना, किसी को दस तो किसी को 18 दिन बाद भी मजदूरी का इंतजार

मनरेगा में काम के बाद समय पर मजदूरी नहीं मिलने की समस्या, परेशान ग्रामीण.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 04 Oct 2021, 07:24 PM IST

कटनी. ग्रामीणों को गांव में रोजगार से जोडऩे के लिए लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में बजट का रोड़ा एक बार फिर मजदूरों की परेशानी बढ़ा रही है। मनरेगा में मजदूरी नहीं मिलने से कई ग्रामीण काम पर रुचि नहीं ले रहे हैं। कई गांव में काम के बाद कई दिनों तक मजदूरी नहीं मिलने पंचायत जनप्रतिनिधि व रोजगार सहायक के चक्कर लगाने विवश हैं।

बहोरीबंद विकासखंड के ग्राम पंचायत जुझारी की गीता बाई बताती हैं कि कंटूर टेंंच में काम किया था। दस दिन हो गए मजदूरी की राशि नहीं मिली। आदिवासी बाहुल्य इस गांव में रहने वाले मिलन सिंह गोड, लक्ष्मण सिंह, राजा भैया, बैशाखू यादव, जयंती बाई, रवीना बाई, जगन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कई ग्रामीण ऐसे हैं जिन्हे काम करने के एक माह बाद भी मजदूरी की राशि नहीं मिली है। काम के बाद मजदूरी नहीं मिलने से परेशान मजूदर अब दूसरे स्थानों पर काम करने विवश हैं।

जिले में मनरेगा में काम के दौरान मनमानी की कई मामले सामने आ चुके हैं। जानकार बताते हैं कि कई बार ऐसे मजदूरों के नाम मस्टर रोल में दर्ज कर दिया जाता है, जो काम नहीं करते। मजदूरी की राशि उनके खाते में जाने के बाद बंदरबाट किया जाता है। ऐसे में मामलों में उन इंजीनियरों की भूमिका की जांच की मांग उठती रही है, जो मनरेगा के कार्यों का मूल्यांकन करते हैं।

इस संबंध में सीइओ जिला पंचायत जगदीश चंद्र गोमे बताते हैं कि काम के बाद मस्टर जमा होते ही राशि का भुगतान कर दिया जाता है। मस्टर जमा करने में विलंब हो रहा तो पता करवाते हैं। मजदूरी में विलंब उन्ही खातों में होता है जिसमें खाते में कोई त्रुटि हो।

66 लाख रुपए से ज्यादा मजदूरी भुगतान बकाया
विकासखंड- बकाया राशि
बड़वारा- 1181.72
बहोरीबंद - 1404.91
ढीमरखेड़ा - 1409.44
कटनी - 834.32
रीठी - 887.71
विजयराघवगढ़- 943.61
(नोट- बकाया राशि 29 सितंबर की स्थिति में.)

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raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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