एफसीआइ अधिकारियों की जांच शुरू होते ही मिलर्स ने रोकी चावल की सप्लाई

प्रतिदिन 20 से 25 ट्रक चावल गोदाम में हो रहा था जमा, शनिवार से एक-दो ट्रक चावल ही पहुंच रहा गोदाम.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 02 Sep 2020, 11:27 PM IST

कटनी. राशन दुकान में सप्लाई होने वाली चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठते ही मिलर्स द्वारा धान की मिलिंग के बाद की जाने वाली चावल की आपूर्ति पर असर पड़ा है। फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआइ) जबलपुर के अधिकारियों ने कटनी में शनिवार से गोदाम में जमा चावल की जांच प्रारंभ की है। जानकर ताज्जुब होगा कि इसी दिन से मिलर्स द्वारा गोदाम में चावल जमा कराए जाने की गति अचानक धीमी हो गई। जिले के अलग-अलग गोदाम में प्रतिदिन 20 से 25 ट्रक चावल मिलर्स द्वारा जमा करवाया जा रहा था। शनिवार के बाद से अब प्रतिदिन चावल लेकर एक से दो ट्रक ही गोदाम पहुंच रहे हैं।

कलेक्टर एसबी सिंह ने बताया कि केंद्रीय टीम ने चावल की गुणवत्ता की जांच कटनी सहित पूरे प्रदेश में प्रारंभ की है। इस बीच मिलर्स द्वारा चावल की आपूर्ति क्यों कम की गई इस बारे में नान के प्रबंधक पीयूष माली से जानकारी लेंगे। कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे समझें चावल की गुणवत्ता में गोलमाल
- 14 लाख 3 हजार 490 क्विंटल धान जिले के 54 मिलर्स ने उठाया है। समय पर मिलिंग कर गुणवत्तायुक्त चावल जमा करने के लिए।
- 8 लाख 60 हजार 359 क्विंटल चावल ही 31 अगस्त तक सरकारी गोदाम में मिलर्स ने जमा करवाया। 29 अगस्त से रूकी मिलिंग के बाद चावल की सप्लाई।
- 29 अगस्त से एफसीआइ की टीम ने चावल की गुणवत्ता जांच प्रारंभ की है। इसी दिन से चावल की सप्लाई के बाद गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

बैकफुट पर नान
गोदाम में जमा चावल और राशन दुकानों में सप्लाई होने वाली चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठने के साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम (मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन) नान के अधिकारी बैकफुट पर हैं। कटनी नान के प्रबंधक पीयूष माली चार दिन से चावल सप्लाई की गति धीमी होने पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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