बड़ा घालमेल: प्राइवेट आइटीआइ कॉलेज के लिए नगर निगम के अफसरों ने लॉकडाउन में बनवा दी लाखों रुपये की सड़क

वार्डों के लोग कई साल से कर रहे सड़क की मांग, वहां के लिए नहीं बना प्रस्ताव ना हो रहा निर्माण, नगर निगम के उपयंत्री, सहायक यंत्री और कार्यपालन यंत्री की सामने आई गंभीर मनमानी

By: balmeek pandey

Updated: 27 Jun 2021, 07:28 PM IST

कटनी. शहर के अधिकांश महत्वपूर्ण मार्ग व कॉलोनियां ऐसी हैं जहां पर सड़क न होने से लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के सीजन में आवागमन दुश्वार होता है। लोग वर्षों से सड़क निर्माण की मांग रख रहे हैं, लेकिन नगर निगम के अफसर ध्यान नहीं देते, लेकिन यही अफसर चहेतों को उपकृत करने के लिए सभी नियम-कायदों को धता बताते हुए लाखों के वारे-न्यारे कर दे रहे हैं। ऐसा ही गंभीर मामला सामने आया है नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में।
महर्षि स्कूल के आगे प्राइवेट चड्डा आइटीआई कॉलेज के लिए नगर निगम के अफसरों ने सभी नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये की 300 मीटर सीसी सड़क लॉकडाउन में बनवा दी गई है। हैरानी की बात तो यह है कि यहां से न तो प्रमुख मार्ग है और ना ही शहरवासियों का आवागमन। इसके बाद भी निर्माण करा दिया गया है।
ऐसे में इस तरह के निर्माण कार्यों से अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उक्त सड़क ठेकेदार सचिन दुबे द्वारा सड़क का निर्माण कराया गया है। बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय निवर्तमान पार्षद गौरशंकर पटेल की मिलीभगत से इस तरह का काम हुआ है। यहां पर लगी 15 लाख रुपये की एक सड़क ही नहीं बल्कि एक और सड़क बनी है जिसमें बहुत की कम लोगों का आवागमन होता है। निजी संस्थान को लाभ पहुंचाने अफसरों से सांठगांठ कर यह खेल खेला गया है। हैरानी की बात तो यह है कि जहां पर सड़क जरूरी हैं वहां पर निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा।

 

बड़ा घालमेल: प्राइवेट आइटीआइ कॉलेज के लिए नगर निगम के अफसरों ने लॉकडाउन में बनवा दी लाखों रुपये की सड़क

यहां जरूरी थी सड़क
पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड से लगे हुए वार्ड क्रमांक 18 श्री राम जानकी हनुमान वार्ड में कई वर्षों से सड़क की मांग हो रही है, लेकिन इंजीनियों ने ध्यान नहीं दिया। निवर्तमान पार्षद साक्षी गोपाल साहू ने बताया कि हनुमान मंदिर के पीछे, चर्च के पीछे, मनोज श्रीवास्तव के घर के पास से बालेश्वर राव के घर तक, महेश चौबे के घर से हमराज विश्वकर्मा के घर सहित अन्य क्षेत्रों में सड़क जरूरी हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी चहेतों को लाभ पहुंचा रहे हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के निवर्तमान पार्षद गौरीशंकर पटेल का कहना है कि कई वार्डों में ऐसी सड़कें बनी हैं। यहां तो बच्चे स्कूल-कॉलेज जाएंगे।

यह है सड़क निर्माण का प्रावधान
कॉलोनी नगर निगम के आधीन होने पर पार्षद की अनुशंसा व स्थानीय लोगों की मांग पर प्रस्ताव बनता है। इस्टीमेट बनने के बाद बजट रिपोर्ट लगती है। 40 लाख तक के काम पर आयुक्त स्वीकृति देते हैं, इसके ऊपर 12 करोड़ तक के काम को महापौर द्वारा स्वीकृति दी जाती है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया होती है। सबसे न्यूनतम दर वाले ठेकेदार को टेंडर दिया जाता है। निविदा समिति निर्णय लेती है। अनुबंध के बाद वर्क आर्डर व भूमिपूजन के बाद काम चालू होता है। इसमें मॉनीटरिंग की संपूर्ण जिम्मेदारी उपयंत्री, सहायक यंत्री, इसके बाद कार्यपालन यंत्री की जिम्मेदारी में काम होता है, इसके बाद भी गंभीर इनकी अनुशंसा पर आयुक्त भुगतान करते हैं।

इनका कहना है
यदि निजी संस्थान को लाभ पहुंचाने के लिए सड़क का निर्माण कराया गया है तो तत्काल इसकी जांच कराएंगे। दोषी अधिकारियों पर वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी। क्षेत्र में जहां भी सड़क की जरूरत है प्रस्ताव व बजट अनुसार निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
सत्येंद्र कुमार धाकरे, आयुक्त नगर निगम।

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