धान भंडारण में लापरवाही, 38 हजार मीट्रिक टन भंडारण के नहीं इंतजाम

टीएल बैठक में छाया रहा मुद्दा, अब कृषि उपज मंडी में होगा भंडारण

By: raghavendra chaturvedi

Published: 04 Feb 2020, 11:26 AM IST

कटनी. समर्थन मूल्य पर बंफर धान खरीदी के बाद अब भंडारण की समस्या सामने आ रही है। जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती यह है कि धान का सुरक्षित भंडारण कैसे किया जाए। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में होने वाली टीएल की बैठक में धान भंडारण का मुद्दा छाया रहा। कलेक्टर एसबी सिंह ने मंडी सचिव पीयूष शर्मा से जिले के मंडियों में अनाज भंडारण और खाली स्थान की जानकारी ली। मंडी सचिव ने बरही, कटनी और मुहास में मंडी परिसर की जानकारी दी।

कलेक्टर ने कहा कि इन मंडियों में खाली पड़े स्थान में धान भंडारण की व्यवस्था करें। बतादें कि जिलेभर में 38 हजार मीट्रिक टन धान खुले में है। इसमें से अब 15 हजार मिट्रिक टन धान कटनी और दस-दस हजार क्विंटल धान का भंडारण बरही व मुहास कृषि उपज मंडी परिसर में होगा। इस साल जिलेभर में 2 लाख 75 हजार मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। इसमें से 2 लाख 19 हजार मिट्रिक टन धान का ही भंडारण हो सका है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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