केडीए का एक भी प्रोजेक्ट जमीन पर नहीं उतरा, दस साल में तन गईं 25 ज्यादा निजी कॉलोनियां

केडीए द्वारा प्रस्तावित कॉलोनी में कम कीमत में आवास व व्यवसाय का सपना संजोए नागरिकों को हाथ लगी निराशा.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 02 Mar 2021, 11:47 AM IST

कटनी. प्रदेश सरकार ने शहर के बेहतर विकास के लिए कटनी विकास प्राधिकरण (केडीए) का गठन तो किया, लेकिन दस वर्ष में केडीए की एक भी योजना के मूर्तरुप नहीं लेने के कारण नागरिकों को निराशा ही हाथ लगी। सस्ती कीमत में आवास व व्यवसाय के लिए जमीन लेने का नागरिकों का सपना पूरा नहीं हो सका। खासबात यह है कि इन दस वर्षों के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्से में 25 से ज्यादा निजी कॉलोनियां तैयार हुई। नागरिकों का कहना है कि निजी कॉलोनी में मनमाने कीमत में आवास बेची जा रही है। लोगों के पास विकल्प नहीं होने के कारण आर्थिक रूप से परेशान होकर मंहगा आवास लेने विवश हैं।

फाइल दौड़ाते रहे अफसर
केडीए द्वारा झिंझरी में 85 हेक्टेयर में 35 से ज्यादा आवास व व्यवसायिक योजना का आलम यह रहा है कि दस वर्षों तक अफसर जिले के अलग-अलग दफ्तरों से लेकर राजधानी भोपाल तक फाइल ही दौड़ाते रहे। अंत में नगर निगम विकास अनुज्ञा की राशि में 9 करोड़ का पेंच फंस गया। नागरिकों का आरोप है कि विकास अनुज्ञा में नौ करोड़ रूपये जमा करने के लिए राज्य सरकार से अनुदान में राशि लेने सहित अन्य रास्ता निकालने की कोशिश अधिकारियों ने नहीं की।

कलेक्टर बोले मीटिंग में हूं
झिंझरी में प्रस्तावित आवासीय योजना का मूर्तरूप नहीं लेने के सवाल पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा जवाब देने से बचते रहे। केडीए के प्रस्तावित प्रोजेक्ट की समीक्षा व आगामी तैयारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मीटिंग में हूं, बाद में बात करेंगे।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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