पंजीयन विभाग के गेट में थर्मल स्क्रीनिंग, अंदर सोशल डिस्टेंसिंग से परहेज, देखें वीडियो

कोराना वायरस के चलते लॉकडाउन शुरू होते ही पंजीयन विभाग में रजिस्ट्री आदि का काम बंद हो गया था। 6 मई से एक बार फिर दस्तावेजों का कार्य शुरू हो गया है। लॉकडाउन का असर पंजीयन विभाग में भी देखा गया है। वित्तीय वर्ष के आखिरी में महामारी के फैलने के कारण विभाग लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पाया। 6 करोड़ रुपये के अंतर से विभाग पीछे रह गया।

By: balmeek pandey

Published: 16 May 2020, 10:03 AM IST

कटनी. कोराना वायरस के चलते लॉकडाउन शुरू होते ही पंजीयन विभाग में रजिस्ट्री आदि का काम बंद हो गया था। 6 मई से एक बार फिर दस्तावेजों का कार्य शुरू हो गया है। लॉकडाउन का असर पंजीयन विभाग में भी देखा गया है। वित्तीय वर्ष के आखिरी में महामारी के फैलने के कारण विभाग लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पाया। 6 करोड़ रुपये के अंतर से विभाग पीछे रह गया। हैरानी की बात तो यह है कि पंजीयन विभाग में रजिस्ट्रियों का कार्य 10 दिनों से जारी है, यहां पहुंचने वाले लोगों की गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग तो हो रही है, लेकिन परिसर के अंदर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। यहां पर जमकर सोशल डिस्टेंसिंग का धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। 22 मार्च के बाद से 10 दिनों तक व अप्रैल माह में जमीन की खरीद फरोख्त संबंधी सौदे नहीं हुए। जिससे पंजीयन विभाग में एक भी दस्तावेज पंजीकृत नहीं हुए। वित्तीय वर्ष 2019-20 में पंजीयक विभाग को 74 करोड़ रूपये राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, इसमें विभाग के पास 69 करोड़ रुपये ही आए हैं। बता दें कि मार्च के अंत में बड़ी संख्या में जमीनों की रजिस्ट्री होती थीं, जिसमें विभाग को लगभग 12 करोड़ रूपये तक की आय हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष 23 मार्च से लॉकडाउन होने के कारण एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई।

10 दिनों में 114 रजिस्ट्री
पंजीयन विभाग 4 मई से फिर खुल गया है। 6 मई से फिर से रजिस्ट्रियों काम शुरू हुआ है। 114 रजिस्ट्री हुईं हैं जिससे विभाग को 1 करोड़ 30 लाख 54 हजार रुपये राजस्व की प्रस्ति हुई है। वित्तीय वर्ष समाप्ति माह मार्च में 20 दिनों के दौरान कार्यालय में 6 करोड़ 74 लाख रूपये के दस्तावेज पंजीकृत हुए। उसके बाद लॉकडाउन होने के कारण न तो जमीन के सौदे हुए और न ही रजिस्ट्रीयां हुई। जिससे विभाग को राजस्व वसूली में क्षति पहुंची। बता दें कि वर्ष भर के दौरान 12 हजार दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं।

इनका कहना है
वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर लॉकडाउन के कारण 6 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। 6 मई से फिर से दस्तावेज पंजीकृत हो रहे हैं। जांच के बाद ही क्रेता-विक्रेता व अन्य लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो इस पर ध्यान दिया जाएगा।
नवमीदास चौकीकर, जिला पंजीयक।

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