कोरोना संकट के बीच अब सीमांकन पर फोकस

कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की बैठक में कहा कि 30 नवंबर तक सीमांकन के लंबित प्रकरणों का करें निराकरण.

By: raghavendra chaturvedi

Updated: 22 Nov 2020, 10:37 PM IST

 

कटनी. राजस्व विभाग के आरसीएमएस पर दर्ज सीमांकन के लंबित प्रकरणों का निराकरण 30 नवम्बर तक अभियान स्वरुप करने के निर्देश कलेक्टर एसबी सिंह ने दिये हैं। शनिवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने धान उपार्जन, आरसीएमएस पर दर्ज और निराकृत प्रकरण, राजस्व वसूली, भू-अर्जन एवं भू-आवंटन, पीएम किसान योजना सहित कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने जनजागरुकता की गतिविधियों की समीक्षा की।

राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि खरीफ विपणन के अन्तर्गत जिले के सभी 102 धान खरीदी केन्द्रों पर 16 नवम्बर से खरीदी प्रारंभ हो चुकी है। धान खरीदी केन्द्रों में मॉईश्चर मीटर, त्रिपाल, कवर, वारदाने, किसानों के लिये छाया-पानी, प्रसाधन के सभी प्रबंध दुरुस्त रखे जायें। प्रत्येक केन्द्रों पर एफएक्यू धान का विजिवल सैम्पल रखा जाये। इसी प्रकार किसी भी किसान का धान रिजेक्ट करने पर उसका सैम्पल खरीदी केन्द्र में रखना अनिवार्य है।

जिले के 5 धान खरीदी केन्द्रों में संसारपुर, कारीपाथर, गौरहा, कटनी-1 और कटनी-2 में खरीदी की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहों को दी गई है। धान खरीदी केन्द्रों में कोविड-19 से बचाव के प्रोटोकॉल और साबुन, पानी, सैनीटाईजर, मास्क की उपलब्धता अनिवार्य रुप से होनी चाहिये। उन्होने कहा कि राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्र का सतत् भ्रमण कर खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करें और धान की सुचारु खरीदी करायें।

जिला आपूर्ति अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि धान की खरीदी के संबंध में जिलास्तरीय कन्ट्रोल रुम का दूरभाष 07622-222611 और राज्यस्तरीय कन्ट्रोल रुम का दूरभाष 0755-2551471 है। इस पर कोई भी सूचना दी जा सकती है। आरसीएमएस पर दर्ज और निराकरण की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने कहा कि अभी खेतों में फसल ज्यादातर नहीं है। सीमांकन की कार्यवाही के लिये अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुये अभियान चलाकर लंबित 1 हजार 334 सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण 30 नवम्बर तक सुनिश्चित करें।

बैठक में बताया गया कि आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज राजस्व प्रकरणों में नामांतरण के दर्ज 13 हजार 622 प्रकरणों में से 10 हजार 357 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। सीमांकन के दर्ज 4 हजार 64 प्रकरणों में से 2 हजार 730 का निराकरण किया गया है, जो 67 प्रतिशत है। इसी प्रकार आरसीएमएस पर दर्ज राजस्व के कुल 37 हजार 124 प्रकरणों में से 27 हजार 756 प्रकरणों का निराकरण किया गया है, जो कि 75 प्रतिशत की उपलब्धि है। राजस्व वसूली की समीक्षा में बताया गया कि 6 करोड़ 26 लाख रुपये की मांग के विरुद्ध अब तक 2 करोड़ 33 लाख रुपये की राजस्व वसूली की गई है।

भू-राजस्व, पंचायत, शाला उपकर आदि मदों में शत-प्रतिशत वसूली कर ली गई है। पीएम किसान योजना की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि तहसीलस्तर पर इस सप्ताह शिविर आयोजन कर पीएम किसान और सीएम किसान निधि योजना के किसानों का डाटा सत्यापन की कार्यवाही पूर्ण कर लें। उन्होने राजस्व अधिकारियों को सप्ताह में एक बार सभी संबंधित अधिकारियों और राजस्व के मैदानी अधिकारियों, कर्मचारियों की बैठक आवश्यक रुप से आयोजित करने के निर्देश भी दिये। उन्होने कहा कि बैठक में मैदानी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता के कार्यों से अवगत करायें और उनके कार्यों की समीक्षा करें।

शरद ऋतु में कोविड-19 के बढ़ रहे प्रकरणों के मद्धेनजर कलेक्टर श्री सिंह ने कोविड संक्रमण के बचाव की जनजागरुकता के कार्यक्रम और मास्क, सोशल डिस्टेन्स की अनिवार्यता के कानूनी प्रावधानों का पालन कराने के निर्देश भी दिये। इस मौके पर अपर कलेक्टर जगदीश चन्द्र गोमे, एसडीएम रोहित सिसोनिया, बलबीर रमन, प्रिया चन्द्रावत, सपना त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी, संघमित्रा गौतम, अधीक्षक भू-अभिलेख मायाराम कोल, उप संचालक कृषि एके राठौर, जिला आपूर्ति अधिकारी पीके श्रीवास्तव, डीएम नान पीयूष माली सहित समस्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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