बच्चों को स्मार्ट शिक्षा देने तीन साल में चार प्रयास फेल, अब स्मार्ट क्लास की तैयारी

बच्चों को स्मार्ट शिक्षा देने तीन साल में चार प्रयास फेल, अब स्मार्ट क्लास की तैयारी
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Dharmendra Pandey | Updated: 13 Sep 2019, 11:47:12 AM (IST) Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

-भारत निर्माण कोचिंग-1 व 2, ज्ञानसेतू और जवाहर नवोदय विद्यालय कोचिंग का नहीं नामोनिशान

कटनी. शासकीय स्कूलों में पढ़ाई के दौरान बच्चों को स्मार्ट तरीके से शिक्षा देने के लिए तीन साल में चार प्रयास किए गए। सभी फेल हो गए। पहले ज्ञान सेतू योजना सभी हाइ और हायर सेकंडरी स्कूलों में चालू की गई। लाभ के दावे किए गए। अब योजना कहीं नामो निशान तक नहीं है। मेडिकल, इंजीनियरिंग से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले बच्चों को निजी और प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान की तर्ज पर शिक्षा देने भारत निर्माण-1 व 2 की कक्षाएं शुरू कराई गई। यह योजना भी सालभर चलने के बाद बंद हो गई। प्राइमरी स्कूल के बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश दिलाने जवाहर नवोदय कोचिंग की कक्षाएं शुरू कराई गई। पहले साल 25 से अधिक बच्चों का चयन हुआ, फिर भी यह कक्षा अगले साल प्रारंभ नहीं हुई। अब अफसरों ने स्मार्ट क्लास खोलने की तैयारी की है। अभिभावक चिंतित है कि अफसरों की इस की तैयारी का हश्र भी पूर्व के प्रयोगों की तरह फेल होकर न रह जाए।

कलेक्टर के जाते ही बंद हो जाती है योजनाएं
योजना बनाने में माहिर स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर कई साल तक उसे नहीं चला पा रहे हैं। शुरुआत के कुछ दिन तक तो योजना का बेहतर क्रियान्वयन होता है लेकिन धीरे-धीरे अफसरों का मोह भंग हो जाता है। योजना भी बंद हो जाती है। ज्यादातर योजनाएं कलेक्टर का तबादला होते ही बंद हो गई।

खास-खास:
-शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवनगर, शासकीय मॉडल स्कूल, हायर सेकंडरी स्कूल वेंकट वार्ड व शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल एनकेजे।
- स्मार्ट क्लास के दौरान शिक्षक बच्चों को सबजेक्ट के सिलेबस को पढ़ाते रहेंगे। इस बीच प्रोजेक्टर भी चालू रहेगा और छात्र क्या सवाल-जबाव होगा उसको देखते रहेंगे। विषयवार जानकारी अपलोड रहेगी।

डीइओ बीबी दुबे से पत्रिका की सीधी बात:

सवाल-पूर्व के तीन प्रयोग बंद हो गए क्या गारंटी है कि स्मार्ट क्लास चल जाएगी।
जबाव-पूर्व की गारंटी की बात मैं इसलिए नही करता कि उस समय लोग कम्प्यूटर में अभ्यस्त नही थे। अब सब लोग कम्प्यूटर भी चलाते हैं। बच्चों के पास भी मोबाइल रहता है। इसलिए यह योजना चल जाएगी।

सवाल-स्मार्ट क्लास शुरू होने के बाद कम्प्यूटर प्रोजेक्टर में आए दिन समस्याएं आएंंगी इसका निदान कैसे होगा?

जवाब: कम्प्यूटर व प्रोजेक्टर में बहुत बड़ी समस्या नहीं आएगी। कभी-कभार आती है, उसका निदान करवा लिया जाएगा। यह कोई बड़ी समस्या नहीं है।


सवाल-आप क्या मानते हैं बच्चों के लिए यह कितना उपयोगी हैं।
जबाव- बच्चों के लिए यह प्रयोग बहुत उपयोगी है।


सवाल-कलेक्टर का तबादला होने के बाद बंद तो नहीं होगी।
जबाव- नहीं ऐसा नहीं होगा। अब योजना सुचारू रूप से चलती रहेगी।


सवाल-पुरानी योजना क्यो बंद हो गई।
जबाव- पुरानी योजनाओं में कुछ कमियां रह गई होंगी। इसलिए बंद हो गई। जवाहर नवोदय विद्यालय कोचिंग कलेक्टर का अभिनव प्रयोग था। शिक्षक अगर पढ़ाने को तैयार है तो योजना को हम चालू करवा देंगे।

-योजना बनाने में माहिर विभाग के अफसर प्लान तो तैयार कर लेते हैं लेकिन सुचारू रूप से नही चला पाते। इसका कारण यह है कि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नही है। टेक्नालॉजी के इस दौर में शिक्षक कम ही ट्रेंड है। इसके अलावा कुछ दिन तक तो मॉनिटरिंग होती है फिर अचानक से बंद हो जाती है। इस वजह से योजनाएं फेल हो जाती है।
केशवानंद तिवारी, रिटायर्ड प्राचार्य।

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