इंजन और बोगी मेंं नई तकनीक के बाद अब रेलवे ने पटरी में किया नया प्रयोग

कटनी से बीना और सिंगरौली लाइन में बिछ रही आर-260 ग्रेड का रेल ट्रैक.

- पटरी की ये नई तकनीक यात्री ट्रेनों की गति बढऩे और ज्यादा लोड मालगाड़ी परिचालन में सुरक्षा के लिहाज से फायदेमंद.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 21 Jul 2021, 05:07 PM IST

कटनी. रेलवे द्वारा यात्री ट्रेन, मालगाड़ी और इंजन व बोगी सहित अन्य उपकरणों में गति और सुरक्षा के लिहाज से किए गए नए प्रयोगों के बाद अब रेल ट्रैक में नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। कटनी से सिंगरौली और कटनी से बीना रेलवे लाइन में इन दिनों आर-260 ग्रेड ट्रैक रेल (पटरी) बिछाई जा रही है। भिलाई स्टील प्लांट द्वारा तैयार किए गए इस रेल ट्रैक की खासियत यह है कि वैनेडियम युक्त मिश्र धातु से निर्मित होने के कारण जंग लगने की आशंका पुराने रेल ट्रैक की तुलना में कम है। इसकी लंबाई अधिक है, इससे पटरियों (रेल) को जोडऩे के दौरान वेल्डिंग प्वाइंट कम होगा।

खासबात यह है कि भिलाई स्टील प्लांट द्वारा आर-260 रेल का उत्पादन अप्रैल माह से ही प्रारंभ किया है और कटनी से सिंगरौली व बीना लाइन में इसका उपयोग किया गया। जानकार बताते हैं कि आर-260 ग्रेड रेल यूरोपियन मानकों की तुलना में अधिक कठोर है। भारतीय रेल ट्रैक पर उच्च गति एवं अधिकतम फ्रेड लोड की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस रेल ट्रैक का उपयोग किया जाएगा। कटनी के अलावा नई तकनीक की रेल उपयोग भोपाल मंडल में बीना-भोपाल व बीना-गुना एवं कोटा मंडल में नागदा-मथुरा रूट पर किया जाएगा।

पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ राहुल जयपुरियार बताते हैं कि पहले रेल 13 मीटर की होती थी, इसमें एक किलोमीटर में 70-80 वेल्ड जोड़ होते थे। नई तकनीक से ट्रैक रिन्युअल में रेल आर-260 ग्रेड के एक रेल की लंबाई 260 मीटर होने से एक किलोमीटर में 8-10 वेल्ड जोड़ ही होंगे। इससे राइडिंग क्वॉलिटी, संरक्षा, मैनपॉवर, ब्लॉक और धनराशि की बचत होगी। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने इस वित्तीय वर्ष में 170 किलोमीटर लंबाई में आर-260 रेल के प्रयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है।

ऐसे समझें नई तकनीक की रेल ट्रैक से लाभ
- आर-260 गे्रड ट्रैक रेल की शक्ति 550 एमपीए (मेगा पॉस्कल) है। इससे ट्रेनों की गति बढऩे से यात्रियों की समय की बचत होगी, भारी एक्सल के ट्रेनों के परिचालन से रेलवे का आय बढ़ेगा।
- वैनेडियम युक्त मिश्र धातु से निर्मित होने के कारण जंग और फैक्चर में कमीं और रेल की स्थिति अच्छी रहने से यात्रा सुरक्षित होगी।
- आर-260 रेल की लंबाई अधिक होने के कारण पूरी लंबाई में रेल के बीच वेल्डिंग कम होने से ट्रेन परिचालन की गुणवत्ता बेहतर होगी।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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