6205 कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों में हुआ सुधार, नौनिहालों की सेहत संवारने अब चलेगा यह अभियान

प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के साथ मनाया गया पोषण माह

By: balmeek pandey

Published: 03 Sep 2020, 09:14 PM IST

कटनी. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष पोषण माह के दौरान कोविड-19 के दौरान जनजागरुकता एवं प्रचार-प्रसार का आयोजन चार सप्ताह में जीवन चक्र एप्रोच के आधार पर किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह ने बताया कि प्रथम सप्ताह मे गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, द्वितीय सप्ताह में 6 माह में 2 वर्ष तक के बच्चें, तृतीय सप्ताह में 2 से 6 वर्ष तक के बच्चें तथा चतुर्थ सप्ताह में किशोरी बालिकाओं के सम्बंध में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जिला स्तर से लेकर आंगनवाड़ी स्तर तक वेबीनार के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रचार-प्रसार में वर्तमान परिस्थिति के अनुसार वाट्अप गु्रप का प्रभावी उपयोग, मीडिया का संवेदीकरण, रेडियों से प्रचार-प्रसार जैसे वर्चुअल माध्यमों से जागरुक किया जाएगा। पुरूषों के लिए वीडियों प्रतियोगिता जिसमें प्रत्येक जिले से 1 सर्वक्षेष्ठ वीडियों को 5 हजार रुपये पुरस्कार, पोस्टर प्रतियोगिता राज्य स्तर से 10 सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। भ्रांतियों को दूर करने के लिए वीडियो प्रतियोगिता प्रदेश स्तर पर 10 हजार रुपये क्विज, निबंध प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाना है।


कराया जाएगा पौधरोपण
पोषण के लिए पौधे कार्यक्रम अन्तर्गत मुनगा रोपण के लिए जिले स्तर पर 10 हजार रुपये हाइब्रिड बीजो का वितरण कर आंगनवाडिय़ों के समूह में नर्सरी तैयार की गई है। जिसका रोपण, पोषण माह के दौरान किया जाएगा, साथ ही स्थानीय स्तर पर फलदार पौधों को रोपण किया जाएगा। अगस्त माह में अमृतपान अभियान की शुरूआत हुई जिसमें जन्म से 1 घण्टे के भीतर स्तनपान, 6 माह तक केवल स्तनपान एवं दो वर्ष तक स्तनपान के बारे में जागरुक किया गया। इस अभियान में पुरुषों को जोडऩे के लिए सेल्फी विथ पंचायत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें जिलें स्तर पर विजेता को 2000 रूपये का नकद पुरुस्कार दिया गया। इसी तरह ऑगनबाडी कार्यकताओं द्वारा सफल गाथाओं का संकलन एवं स्लोगन प्रतियोगिता के माध्यम से जागरुक किया गया।

1712 आंगनवाडिय़ों में चलेगा अभियान
सभी गतिविधियों में सामान्य नागरिक, विद्यार्थी, हितग्राही किशोरी बालिका, गर्भवती एवं धात्री माता से लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा, सहायिका तक को सम्मिलित करने के पुरस्कार दिए जाएंगे। पोषण माह में सबसे महत्वपूर्ण सघन वजन अभियान पर बल दिया जाएा। जिसमें जिलें की 1712 आंगनवाडिय़ों में दर्ज सभी बच्चों का वजन कर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन, दस्तावेजीकरण कर कुपोषण निवारण के लिए त्रिआयामी एप्रोच अपनाई जाएगी, जिसमें घर पर समुचित देखभाल, समुदाय स्तर पर सहयोग से देखभाल तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र मं भर्ती कराना सम्मिलित होंगे। जिले मार्च 2019 में अतिकम वजन के 2880 एवं कम वजन के 25012 बच्चें चिन्हित थे, जिनकी संख्या वर्तमान में अतिकम वजन के 2187, कम वजन के 19 हजार 500 बच्चे हो गई है। 6205 बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हुआ है।

balmeek pandey Reporting
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