जिंदगी की जंग में मिटीं हाथों की लकीरें, 20 साल से आंखों में दिखना हुआ बंद, अब आधार कार्ड ने निवाले के लिए कर दिया मोहताज, देखें वीडियो

balmeek pandey | Publish: May, 18 2018 11:23:32 AM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

७० साल की वृद्ध मां को गोद में लेकर पहुंचा बेटा, कहा आधार कार्ड न होने से दो माह से नहीं मिल रही पेंशन

कटनी. आंखों से २० साल पहले गायब हुई रोशनी..., सुध-बुध भी खोई-खाई सी, सोच और समझ भी गायब, लगभग हर समय अचेतावस्था, पुत्र की गोद में कांपतीं वृद्धा...। यह नजारा था बुधवार को जिलाधीश के कार्यालय का। असमय सिर से पति का साया छिन जाना..., जिंदगी में बज्राघात के बाद किसी तरह बेटों के सहारे जी रही शारीरिक रूप से जीर्ण-शीर्ण महिला की उम्र के चौथे पड़ाव में आधार कार्ड ने परेशानी बढ़ा दी है। आधार कार्ड न बनने से वृद्धा को दो माह से पेंशन नहीं मिल रही, जिससे न सिर्फ वृद्धा बल्कि पूरा परिवार परेशान है। जानकारी के अनुसार राम बाई बर्मन पति स्व. रिक्खीलाल ७० निवासी कटंगीकला के पति की मौत कई साल पहले हो चुकी है। पति रेल्वे में संदेश वाहक थे। हर माह १० हजार ५०० रुपए पेंशन मिलता है, जिससे उसकी व उसके बेटे की रोजी-रोटी चलती है। जंदगी की जंग में वृद्धा की हाथों की लकीरें मिट गई हैं, २० साल पहले से ही उसे दिखना बंद हो गया है पति की पेंशन व बेटे के सहारे जिंदगी काट रही वृद्धा को तेज धूप में परेशान होना पड़ा। इस उम्र में आधार कार्ड न पाने के कारण दो माह से पेंशन नहीं मिल रही।

गोद में लेकर पहुंचा बेटा
बुधवार को बेटा रवि कुमार बर्मन किसी तरह गांव से बीमार मां को कलेक्ट्रेट आधार कार्ड बनवाने के लिए लेकर पहुंचा। गोद में कलेक्ट्रेट गेट से लेकर आधार केंद्र तक लेकर गया। कई घंटे तक आधार कार्ड के लिए वह इंतजार करता रहा। रवि का कहना था कि पूर्व में वह कई बार आधार कार्ड बनवाने आया है, उसे कह दिया जाता था कि दिव्यांग का कार्ड नहीं बनता। अब उनका भी बनने लगा है। तब वह मां को केंद्र लेकर आया है। आधार कार्ड न होने से मां की पेंशन रुक गई है, जिससे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

इनका कहना है
दिव्यांगों के पहले से ही आधार कार्ड आधार पंजीयन केंद्रों में बन रहे हैं। इन्हे विशेष केस की श्रेणी में बनाया जाता है। ऑपरेटर नहीं बल्कि सुपरवाइजर इसे बनाते हैं। वृद्ध महिला का कार्ड यदि नहीं बन पाया है तो शीघ्र ही बनवाया जाएगा।
सौरभ नामदेव, इ-गवर्नेंस।

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