यहां घरों से निकलने में डरती हैं महिलाएं... जानिए कारण

बिलगवां की शराब दुकान को पुरानी सिक लाइन में खोला, स्थानीय जनों ने जताया विरोध

By: mukesh tiwari

Published: 12 Apr 2018, 12:01 PM IST

कटनी. शराब की दुकान घर से मात्र ५० मीटर की दूरी पर है। पति सुबह से काम में चले जाते हैं और अकेले बाहर निकलने में भी डर लगता है। पति ऑटो चालक हैं, घर के बगल में शराब दुकान खुल गई है। ऐसे में असमाजिक तत्वों का आना-जाना शुरू हो गया है और परेशानी हो रही है। कुछ इस तरह की टिप्पणी लिखकर श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड के पुरानी सिक लाइन निवासियों ने बिलगवां की शराब दुकान को उनकी कॉलोनी में खोले जाने पर विरोध जताया है। वार्ड के पार्षद और निगमाध्यक्ष को शिकायत के साथ आधा सैकड़ा लोगों ने अपनी परेशानी भी अलग-अलग लिखी है। बिलगवां में देशी शराब दुकान खोले जाने का विरोध महिलाओं ने किया था। जिसके चलते उसे छपरवाह में खोलने की अनुमति दे दी गई है। मुखर्जी वार्ड में छपरवाह का कुछ हिस्सा शामिल है और इसके चलते दुकान ओल्ड सिक लाइन के पास खोल दी गई है। स्थानीय जनों का कहना है कि बस्ती के साथ ही सामने ही रेलवे का कार्यालय है और उसमें एक हजार से अधिक लोग काम करते हैं। रेलवे कार्यालय से भी दुकान की दूरी बहुत कम है, जिससे असमाजिक तत्वों के जमावड़े से रेलवे को भी खतरा हो सकता है।
इनका कहना है...
स्थानीय जनों ने अपनी परेशानी को लेकर शिकायत दी है। कॉलोनी में दुकान का संचालन उचित नहीं है। इसको लेकर कलेक्टर को पत्र लिखकर दुकान का स्थान बदले जाने का आग्रह किया गया है और लोगों की परेशानी को देखते हुए उसे हटवाया जाएगा।
संतोष शुक्ला, स्थानीय पार्षद व निगमाध्यक्ष

अमीरगंज में रहवास, प्रेमनगर, इंद्रानगर में आवंटन
कटनी.
पिछले कई साल से अमीरगंज में झोपड़ी बनाकर या किराए के मकान में रह रहे हैं। आईएचएसडीपी योजना में राशि जमा की थी, मुश्किल से मकान का आवंटन मिला है, जिसमें सात किमी. दूर बनाए गए भवन दे दिए गए हैं। ऐसी स्थिति है शहर के अमीरगंज में रहने वाले कई परिवारों की। नगर निगम ने गरीबों को आवास देने की योजना में मनमाने तरीके से आवंटन किया है। जिसको लेकर अमीरगंज के आधा दर्जन लोगों ने मंगलवार को नगर निगम अध्यक्ष से अपनी व्यथा बताई। बुद्धू लाल यादव, विजय कुमार, राकेश दुबे, बलीराम यादव, राधाबाई रजक, सूर्यप्रकाश ने बताया कि वे पिछले कई साल से अमीरगंज में झोपड़ी और किराए के मकानों में रह रहे हैं। योजना में उन्होंने आवेदन दिया था, जिसमें उन्हें तिलक कॉलेज के प्रेमनगर, इंद्रानगर के सरला नगर में बनाए गए मकानों का आवंटन किया गया है जबकि अमीरगंज में ही सैकड़ों की संख्या में मकान बनाए गए हैं। प्रेमनगर व इंद्रानगर की दूरी अमीरगंज से ७ से ८ किमी. है। लोगों का कहना है कि उनके बच्चे स्थानीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं तो लोग इसी क्षेत्र में रोजी-रोटी कमाते हैं। इतनी अधिक दूरी होने से उनके सामने रोजी और बच्चों को पढ़ाने का संकट आ गया है। मामले को लेकर निगमाध्यक्ष शुक्ला ने आयुक्त से चर्चा करने और लोगों की सुविधा के अनुसार मकानों का आवंटन कराए जाने का आश्वासन दिया है।

 

 

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