पंचायत, बिजली व राजस्व विभाग को नहीं सीएम हेल्पलाइन की परवाह

सर्वाधिक लंबित शिकायतें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की, इसमें जनपद के सीइओ होते हैं प्रमुख अधिकारी.

जिला पंचायत सीइओ ने कहा फोर्स क्लोज नहीं करते इसलिए बढ़ा है विश्वास, आ रही ज्यादा शिकायतें.

कटनी. आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रारंभ की गई सीएम हेल्पलाइन में दर्ज होने वाली शिकायतों के निराकरण में कई विभाग बेपरवाह हैं। सर्वाधिक लंबित शिकायतें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की है। इसमें जनपद के सीइओ प्रमुख अधिकारी होते हैं, जिन्हे पहले स्तर (एल-1) में शिकायतों का निराकरण करवाना होता है।

जानकर ताज्जुब होगा कि तीन दिन पहले तक एल-4 यानी शासन स्तर पहुंचने वाली सर्वाधिक लंबित शिकायतें 300 इसी विभाग की रही। शिकायतों का एल-4 में पहुंचना यानी जनपद सीइओ, जिला पंचायत सीइओ और कलेक्टर के स्तर पर निराकरण नहीं हुआ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में चारों ही स्तर पर लंबित शिकायतों की संख्या 601 है।

इधर ज्यादा लंबित शिकायतों को लेकर जिला पंचायत सीइओ अलग ही राय रखते हैं। उनका कहना है कि विभाग में शिकायतों को फोर्स क्लोज (बिना निराकरण के बंद) नहीं किया जा रहा है। इसलिए लोगों का विश्वास बढ़ा है और लोग घरों से निकलकर समस्या सीएम हेल्पलाइन में दर्ज करवा रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों को शुरू के तीन चरण में निराकरण करने के मामले में राजस्व और संस्थागत वित्त विभाग के अधिकारी भी बेपरवाह हैं। दोनों ही विभागों की एल-4 में लंबित शिकायतों की संख्या क्रमश: 209 और 148 है।

जनपद पंचायतों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण में जिले के तीन जनपद में ज्यादा लापरवाही बरती जा रही है। इसमें ढीमरखेड़ा, कटनी और विजयराघवगढ़ जनपद शामिल हैं। तीनों ही जनपद में लंबित शिकायतों की संख्या ज्यादा है। समय पर शिकायतों का निराकरण नहीं होने के कारण इन जनपद में आमजनों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते परेशान होना पड़ रहा है।

एल वन, एल टू, एल थ्री और एल फोर में लंबित पांच प्रमुख विभागों की बात करें तो पंचायती राज में क्रमश: 190, 57, 54 व 300 और लोक स्वास्थ्य में 227, 143, 61 व 82, बिजली विभाग में 285, 114, 44 व 26, राजस्व विभाग में 119, 44, 48व 209 और संस्थागत वित्त में 80, 33, 45 व 148 शिकायतें 12 फरवरी की स्थिति में लंबित रही।

लंबित शिकायतों को लेकर सीइओ जिला पंचायत जगदीश चंद्र गोमे बिना उचित निराकरण के शिकायतों को फोर्स क्लोज नहीं करने संबंधी निर्देश देने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि इस निर्देश के बाद शिकायतों की संख्या बढ़ी है। वहीं कलेक्टर एसबी सिंह त्वरित निराकरण नहीं करने वाले कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

यह भी जानें...
- वन विभाग में कुल दर्ज 66 शिकायतों में 58 शिकायत एल-4 स्तर पर लंबित है।
- नगर निगम की अस्थाई अतिक्रमण से जुड़ी 52 शिकायतों में एल-4 स्तर पर 17 और एल-1 पर 20 शिकायतें लंबित है।
- कलेक्ट्रेट शाखा से जुड़ी 31 शिकायतों में 23 मामले एल-4 स्तर पर लंबित हैं।
- किसानों की फसल बीमा से जुड़ी 17 लंबित शिकायतों में 14 शिकायतें एल-4 में लंबित है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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