वोट बैंक की राजनीति पर सख्ती से लगे अंकुश...

पत्रिका चेंजमेकर्स टॉक शो- गुरुनानक मार्केट व्यापारी संघ ने चर्चा मेंं रखी अपनी बात

By: mukesh tiwari

Published: 11 Apr 2018, 09:37 PM IST

कटनी. वोट बैंक की राजनीति के चलते विकास के पहिए थम गए हैं। उद्योग जगत को पिछले कई साल से घाटा सहना पड़ रहा है और नए उद्योग, व्यापार की भी स्थापना नहीं हो पा रही है। पत्रिका चेंजमेकर्स महाअभियान में गुरुनानक मार्केट व्यापारी संघ के सदस्य ने यह बात टॉक शो के दौरान कही। मार्केट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी जैसे प्रावधानों से व्यापारी काम छोड़कर दिनभर लिखा पढ़ी में व्यस्त है। राजनीति में शुद्धता के लिए व्यापारी वर्ग का भी ध्यान रखना होगा, तभी लोकतंत्र में विकास को गति मिल पाएगी। व्यापारियों ने कहा कि पत्रिका का चेंजमेकर्स अभियान राजनीति के शुद्धिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इन्होंने ये कहा...
वोट बैंक की राजनीति ने लोकतंत्र को दूषित कर रखा है। किसी एक वर्ग को लाभ देने से दूसरा वर्ग निराश व हताश होता है। इस तरह का काम करने वालों को स्थान नहीं मिलना चाहिए।
जवाहर लाल संगतानी, व्यापारी

किसानों का कर्ज माफ हो रहा है तो व्यापारियों को कर्ज मिलने में परेशानी है। राजनीति में इस तरह की व्यवस्था व्यापारियों के हित में नहीं है। इसके लिए समझदार लोगों को प्रवेश दिया जाना चाहिए।
जगदीश मेहानी, व्यापारी

राजनैतिक खींचतान का नतीजा है कि जिले में कोई भी नया उद्योग स्थापित नहीं हो पाया है। विकास से दूर करने वाली राजनीति नहीं होनी चाहिए और विकास को सोचने वालों को आगे लाया जाना चाहिए।
प्रकाश आहूजा, व्यापारी

जातिवाद के मुद्दे को लेकर पिछले कई साल से लोग राजनैतिक रोटियां सेंक रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर कड़ाई से अंकुश लगे, जिससे हमारी देश की राजनीति स्वच्छ व शुद्ध हो सके।
सुरेश बसरानी, व्यापारी

राजनीति में बड़े पदों पर ऐसे लोगों को बैठा दिया जाता है, जिनको उनकी ही फील्ड का अनुभव नहीं होता है। लाभ देने की इस परंपरा पर रोक लगनी चाहिए ताकि विकास हो सके।
गोपाल तीर्थानी, व्यापारी

साक्षरता को लेकर हर राजनैतिक मंचों से चर्चा होती रही हैं लेकिन खुद राजनेताओं की शिक्षा व योग्यता तय नहीं है। मापदंड सभी के लिए बराबर हों और ऐसे लोग ही व्यापारियों की पीड़ा भी समझ पाएंगे।
ईश्वर जसूजा, व्यापारी

अब व्यापारी को टैैक्स के साथ ही एडवांस भी देना पड़ रहा है। इस तरह का प्रावधान ठीक नहीं है। राजनीति के क्षेत्र में बिना समझे किए गए काम से व्यापारी दिनभर काम छोड़कर लिखा पढ़ी में व्यस्त है।
आशीष बसरानी, व्यापारी

राजनीति में परिवर्तन की बयार शुरू हो गई है। युवा पीढ़ी लगातार आगे आ रही है और युवाओं को ही जब तक मौका नहीं मिलेगा लोकतंत्र सही मायने में देश में लागू नहीं हो पाएगा।
अनिल मेघानी, व्यापारी

राजनीति में जब तक परिवर्तन नहीं होगा, तब तक शुद्धिकरण नहीं होगा। वर्षों तक एक से ही लोग सत्ता में काबिज रहेंगे तो उससे माहौल खराब होगा और भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुकेश दौलतानी, व्यापारी

सही राजनीति वही है, जिसमें हर वर्ग का विकास सोचा जाए। किसी एक वर्ग को खुश कर सत्ता में बने रहने की राजनीति उचित नहीं है। ऐसे लोगों को जनता खुद बाहर का रास्ता दिखाए।
लख्खू ज्ञानचंदानी, व्यापारी

पत्रिका का अभियान मील का पत्थर साबित होगा। राजनीति को शुद्ध व स्वच्छ करने के लिए ऐसे चेंजमेकर्स ही सही काम कर पाएंगे। व्यापार जगत से भी जिले में इस अभियान से लोग जुड़ेंगे।
ताराचंद मोहनानी, व्यापारी

उद्योग जगत को हमेशा से सिर्फ कर चुकाना पड़ा है। धन और बल की बदौलत राजनीति मेंं प्रवेश करने वाले सिर्फ अपना वोट बैंक देखते हैं। विवेकशील होकर हमें इसका चिंतन करना होगा।
सुनील हसीजा, व्यापारी

आने वाला समय युवा पीढ़ी का है। युवा ही देश का भविष्य संवार सकते हैं और राजनीति की गंदगी को साफ करने में उनकी ही भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। युवा इस अभियान से जुड़ें।
पंकज गंगवानी, व्यापारी

राजनीति के क्षेत्र में लगातार गिरावट आती जा रही है। इसको दूर करना समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है। अपनी जिम्मेदारी को लोग समझें और आगे आकर राजनीति के शुद्धिकरण में शामिल हों।
राकेश मेघानी, व्यापारी

mukesh tiwari
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