घर में कब्जा कर माता-पिता को बेघर कर दिया था बेटा, खेत में मड़ैया बनाकर रहने थे विवश, पुलिस ने लौटाईं खुशियां

खेत में मड़ैया बनाकर रहा रहा थे दंपत्ति, थाना प्रभारी ने एक घंटे में दिलाया न्याय

By: balmeek pandey

Published: 09 Dec 2020, 09:34 AM IST

कटनी/रीठी. जो माता-पिता अपने सुखों को त्यागते हुए बेटों की खुशी के लिए सबकुछ करते हैं वहीं बेटे पैरों पर खड़ा होने पर न सिर्फ भूल जाते हैं बल्कि यातान भी देने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला रीठी के भदनपुर में सामाने आया है। जिसमें थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाई और वृद्ध को एक घंटे के अंदर न्याय दिलाया है। पुलिस की इस सक्रियता को देखकर हर कोई सराहना कर रहा है। पिताअपने ही पुत्र से परेशान पहले गांव में सामाजिक रूप से बच्चे को समझाने का प्रयास करता था, लेकिन जब उसे लगा कि अब बात नहीं बन रही तो पुलिस का सहारा लिया। रीठी थाना प्रभारी रोहित यादव के पास पहुंचा।
खुशाली आदिवासी निवासी भदनपुर ने जब थाना प्रभारी को समस्या बताई तो वे सन्न रह गए। उन्होंने पाया कि खुशाली का छोटा बेटा अशोक आदिवासी पैतृक मकान में कब्जा कर लिया है और पिता और मां को घर से बेदखल कर दिया है। वृद्ध दंपत्ति खेत पर बनी मड़ैया में रहने को मजबूर हो गए। इतना ही नहीं कई बार गाली गलौज कर मारने की धमकी भी देता रहा। टीआई रोहित यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुशाली भूमिया को चौकी प्रभारी गणेश प्रसाद शुक्ला को साथ लेकर तत्काल गांव पहुंचे और परिस्थितियों को मौके पर ही देखा।

बेटी की विवाह का भी दिया आश्वासन
उन्होंने पाया कि पुत्र की ही गलती है। टीआइ ने वृद्ध दंपत्ति को घर दिलाया। सामान भी खेत में मड़ैया से लाकर घर में रखवाया। बता दें कि खुशाली भूमिया विगत 2 वर्षों से खेत में रहने को विवश था। बता दें कि खुशाली के 3 पुत्र थे। जिसमें बड़े पुत्र की मौत हो चुकी है। दो बेटियां हैं, एक बेटी शादी लायक भी है। इस पर समाजसेवी विपिन तिवारी व टीआइ ने आश्वस्त किया कि बड़ी बेटी की शादी तय कर दें, उसमें जो भी खर्च आएगा वे लोग स्वयं व जन सेवा संस्थान वहन करेगा। छोटे पुत्र अशोक और उसकी पत्नी को हिदायत भी दी कि यदि भविष्य में माता-पिता को परेशान न करे।

balmeek pandey Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned