तीन साल में नहीं हुई एक भी फ्लैटों की बुकिंग तो रेट कम करने की तैयारी, यह है एलआइजी-एमआइजी का हाल

- एलआइजी में दो लाख 20 हजार एमआइजी में 1.5 लाख रुपये कम करने प्रस्ताव
- नगर निगम ने नगरीय प्रशासन विभाग को भेजा है प्रस्ताव, चार टेंडर में नहीं मिल पाई एजेंसी
- झिंझरी प्रधानमंत्री आवास का अबतक शुरू नहीं हो पाया काम, ठेकेदारों की जारी है मनमानी
- झिंझरी में बंद पड़ा पीएम आवास की बिल्डिंग का निर्माण

By: balmeek pandey

Published: 21 Nov 2020, 09:22 AM IST

कटनी. शहर के दो स्थानों झिंझरी और प्रेमनगर में बन रही प्रधानमंत्री आवास योजना की बिल्डिंग में जमकर बेपरवाही की जा रही है। प्रेमनगर में जहां धीमा काम तो वहीं झिंझरी में लगभगम मार्च माह से काम बंद पड़ा है। हैरानी की बात तो यह है कि 2019 में काम पूरा कर भवनों को बेच देना था, लेकिन 2017 से अबतक एक भी एलआइजी और एमआइज भवनों की बुकिंग नहीं हुई, जिसके चलते नगर निगम ने फ्लैटों के रेट कम करने का प्रस्ताव भेजा है। बता दें कि अब नगर निगम ने झिंझरी के एलआइजी फ्लैट की कीमत दो लाख 20 हजार रुपये कम करने का प्रस्ताव भेजा है। पहले 16 लाख 50 हजार रुपये की दर निर्धारित की गई थी, जिसे अब घटाकर 14 लाख 30 हजार रुपये कर दी गई है। 19 लाख 25 हजार रुपये पहले एमआइजजी फ्लैटों की कीमत थी, जिन्हें अब 18 लाख 20 हजार रुपये किया गया है। इनमें एक लाख 5 हजार रुपये कम करने की पैरवी की गई है7 इसी तरह प्रेमनगर के एलआइजी फ्लैटों की कीमत 13 लाख 30 हजार रुपये करने का निर्णय लिया और इस संंबंध में प्रस्ताव भी नगरीय प्रशासन विभाग को भेज दिया है, अब मुहर का इंतजार है।

यह है फेज-1 की स्थिति
पीएम आवास फेज-1 के तहत झिंझरी में आवासों का निर्माण चल रहा है। यहां पर अभी तक मात्र 25 से 30 फीसदी काम हुआ है। झिंझरी में 792 इडब्ल्यूएस और एलआइजी के 384 आवास बनने बनने हैं। एलआइजी में 16 लाख 50 हजार, एमआइजी का 19 लाख 25 हजार रुपये भी निर्धारित किए गए थे। ये आवास 117 लाख रुपये की लागत से बन रहे हैं। यहां पर बीआरपीए एसोसिएट द्वारा निमार्ण कार्य धीमी गति से कराया जा रहा है फिर भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। अब कोविड काल से काम बंद है।

फेज-2 की भी गति धीमी
फेज-2 के तहत प्रेमनगर खिरहनी में आवासों का निर्माण हो रहा है। यहां पर भी मात्र 35 से 40 से 50 प्रतिशत काम हो पाया है। यहां पर 1744 इडब्ल्यू एस आवास बनने और 1056 एलआइजी का काम चल रहा है। आवंटन 507 इडब्ल्यू का हो गया। यहां पर 214 करोड़ रुपये लागत से आवासों का निर्माण हो रहा है। यहां पर कल्याण टोल द्वारा निर्माण धीमी गति से किया जा रहा है, इसके बाद भी अफसर ध्यान नहीं दे रहे।

खास-खास:
- चार बार हुई ट्रेंडर प्रक्रिया नहीं मिल पाई फ्लैट बुकिंग करने के लिए एजेंसी, ननि कर्मचारियों के बूते की नहीं बची बात।
- प्रेमनगर की बिल्डिंग में 400 मकान तीन माह में फिर हैंडोवर करने ननि अधिकारियों का दावा।
- प्रेमनगर की बिल्डिंग का निर्माण 3 दिसंबर 2019 व झिंझरी में 30 मई 19 को पूरा हो जाना था, जो अभी तक नहीं हो पाई।
- झिंझरी में 7900 और प्रेमनगर में 4500 वर्गमीटर व्यवसायिक भूमि विक्रय के प्रस्ताव पर भी अबतक नहीं मिली स्वीकृति।

इनका कहना है
कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते पूर्व में निर्माण कार्य धीमी गति से हुआ है। काम में तेजी लाई जाएगी। झिंझरी में भी काम शुरू कराया जाएगा। रेट रिवाइज के में भी अधिकारियों चर्चा की जाएगी। शीघ्र फ्लैटों बुकिंग हो, इसके लिए भी आवश्यक पहल होगी।
सत्येंद्र कुमार धाकरे, ननि आयुक्त।

balmeek pandey Reporting
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