आईं ऐसी मशीनें जो सेल्समैनों द्वारा की जा गड़बड़ी को बताएगी तत्काल, उपभोक्ताओं को होगा बड़ा फायदा

जिले की 131 राशन दुकानों में शहर की तर्ज पर बंटना शुरू हुआ राशन, अब नहीं चलेगी सेल्समैनों की मनमानी

By: balmeek pandey

Updated: 24 Jul 2018, 11:07 AM IST

कटनी. ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जारी राशन की कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए खाद्य विभाग ने नवाचार शुरू किया है। शहर की तर्ज पर ही अब ग्रामीण क्षेत्र की 131 राशन दुकानों में नए पीओएस सिस्टम नेटवर्क के तहत राशन वितरण कराया जा रहा है। जुलाई माह के राशन वितरण में जब हितग्राही राशन दुकान पहुंचता है और पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाता है और आधार सत्यापन होता है तो पोर्टल में अनाज का यूनिट खुलता है। इसके बाद उसे ओके कर दिया जाता है और हितग्राही को राशन दे दिया जाता है। गांवा में अबतक यह होता था कि हितग्राही पात्रता पर्ची लेकर जाता और जैसे ही मशीन में पोर्टल खुलने पर समग्र आइडी डाली जाती खाद्य का आवंटन खुल जाता था और सेल्समैन राशन बंटना दिखा देते थे। यदि कोई हितग्राही नहीं पहुंचा और राशन बचा है तो अब ऐसा सेल्समैन नहीं कर पाएंगे। खास बात यह है कि इस सिस्टम के तहत परिवार के सभी सदस्यों का अधार कार्ड फीड कराया जा रहा है, ताकि किसी को भी खाद्यान मिल सके। इसी जुलाई माह के अंत व अगस्त में पूरे जिले में लागू किया जाएगा।

पोओएस सिस्टम को लेकर खास-खास
- जिले में 469 हैं राशन दुकानें, शहरी क्षेत्र में संचालित हैं 64।
- 90 फीसदी से अधिक आधार फीडिंग वाले गांवों में शुरू हुई प्रक्रिया।
- बगैर आधार सत्यापन सेल्समैन नहीं बांट पाएंगे राशन।
- सर्वर न होने पर हितग्राही के दस्तखत कराकर बांटा जाएगा राशन।
- आधार में त्रुटी सुधार और फीडिंग का काम पूरा करेंगे सेल्समैन।

इन गांवों में शुरू हुई पहल
जिले के 131 गांव में जुलाई माह से यह पहल शुरू कर दी गई है। जिले के बांध, खमतरा, गोपालपुर, बरहटा, सागौन, जिर्री, आमाझाल, महनरे, महगवां, इटौली, महगवां, ऊमरपानी, खम्हरिया बागरी, नैगई, धुधरी, लालपुर, खाम्हा, कटरिया, बिचपुरा, कोठी, अतरसूमा, देवरीमाड़वारी, पिपरियाशुक्ला, रोहनिया, कलहरा, टिकरिया, कुंदरेही, संगवारा, हरदुआकला, बड़ारी, हंतला, पिपरा, बंजारी, बम्हौरी, डीघी, हथेड़ा, डोकरिया, रैपुरा, जमुनिया, टहकारी, डांग, रूढ़मूड़, करहियाकला, पटेरहरा, खम्हरिया नं. 1, देवरी, खम्हरिया नं. 2, गुरजीकला, लालपुरा, पटौहा, तिघरा, मोहास, भरतपुर में सिस्टम लागू किया गया है।

इन गावों में भी रुकी कालाबाजारी
जिले के बिजौरी, मोहनी, पथवारी, भजिया, बसाड़ी, चांदन, नन्हवाकला, भादावर, अमाड़ी, भगनवारा, बरछेका, नदावन, कनौर, बिचपुरा, बरमानी, रूपौद, सलैया, संकरीगढ़, छिंदहाई पिपरिया, विलायतखुर्द, बंदरी, बनहरा, रोहनिया, सुड्डी, लुहरवारा, पनसोखर, खरहटा, करौंदीकला, वनगवां, इमलिया, परसवारा खुर्द, बिस्तरा, जोबीकला, डिठवारा, खड़ौला, लखापतेरी, खमतरा, कैलवाराकला, घंघरीखुर्द, झलवारा, गुलवारा, हरदुआ, पिलौंजी, इमलिया, मड़ई, सलैया, भनपुरा नं. 1, कटंगीकला, किकरहाई पिपरिया, अमोज, देवरी, तेवरी, नीमखेड़ा, मोहनिया, बंधरी, सिंदुरसी, तिहारी, भेड़ा, जुजावल, पटना, मसंधा, धूरी, मटवारा, बिचुआ, ककरहटा, अमाड़ी, मझगवां, पथड़ारी पिपरिया, पाकर, कूड़ा धनिया, सलैया पयासी, पहरुआ, रामपाटन, हथियागढ़, किवलरहा, सिमरापटी, खिरहनी और सुपेली में कालाबाजारी रोकने सिस्टम लागू किया गया है।

इनका कहना है
जिले में जुलाई माह में नए पीओएस सिस्टम से राशन वितरण कराया जा रहा है। कालाबाजारी रोकने के लिए आधार हितग्राही के ऑन द स्पाट होने व वैरीफिकेशन के बाद ही खाद्यान वितरण किया जा रहा है। शीघ्र ही पूरे जिले में सिस्टम लागू किया जाएगा।
पीके श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।

balmeek pandey Reporting
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