निजी स्कूल संचालक बोले-कक्षा 1 से 5वीं तक तीन माह नहीं खुली स्कूल तो खराब होगा बच्चों का भविष्य, एपीसी ने कहा-रेडियो से कराएंगे पढ़ाई

-जुलाई से स्कूल खुलने की उम्मीद लगाए बैठे निजी स्कूल संचालकों सहित सरकारी स्कूलों में भी शुरू हो हुई तैयारी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा तैयार की जा रही नई गाडइलाइन को निजी स्कूल संचालकों ने बताया बेकार

 

By: dharmendra pandey

Updated: 31 May 2020, 08:25 AM IST

कटनी. वैश्विक महामारी की वजह से 22 मार्च से बंद हुई सरकारी व निजी स्कूलों का ताला जुलाई माह से खुलने की उम्मीद है। नवीन शिक्षण सत्र को लेकर निजी व सरकारी स्कूलों में भी तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि स्कूल किस कक्षा से संचालित होगी। दूसरी तरफ स्कूलों के संचालन को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा नई गाडइलाइन बनाई जा रही है। जिसमें कहा जा रहा है कक्षा 1 से 5वीं तक की स्कूलें तीन माह तक बंद रहेगी। कक्षा 6वीं से 12वीं तक की स्कूलें जुलाई माह से संचालित होंगी। क्योंकि कक्षा 6वीं से 12वीं तक के बच्चे बड़े व समझदार होते है। कक्षा 1वीं से 5वीं तक के स्कूलों को तीन माह देरी से शुरू कराने को लेकर तैयार हो रही गाइडलाइन के बारे में निजी स्कूल संचालक इसे बेकार बता रहे। उनका कहना है कि सप्ताह में तीन दिन बच्चों को स्कूल जरूर बुलाए। तीन दिन ऑनलाइन पढ़ाई हो। इससे बच्चा कुछ भुलेगा नहीं। नहीं तो लगातार पांच माह तक स्कूल बंद होने से उसका भविष्य खराब हो जाएगा। जिन स्कूलों में अधिक बच्चे है उनको दो शिफ्ट में लगवाया जाए। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए यदि किसी कक्षा में अधिक बच्चे हैं तो उसका सेक्शन बढ़ा दिया जाए। वहीं सरकारी स्कूलों को देखा जाए तो जिम्मेदार अधिकारी सरकारी आदेश का पालन कराने की बात कह रहे। जिला शिक्षा केंद्र के अफसरों का कहना है कि फिलहाल ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। मोबाइल व रेडियो के माध्यम से कक्षाएं लगाई जा रही है। कक्षा 1से 5वीं तक का स्कूल यदि तीन माह देरी से शुरू होता है तो रेडियो के माध्यम से होने वाली पढ़ाई का समय बढ़ा दिया जाएगा।
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-कक्षा 1वीं से 5वीं तक के स्कूलों को यदि तीन माह से देरी से खोलने की तैयारी हो रही है तो यह गलत है। इससे बच्चों का भविष्य बेकार होगा। सरकार को चाहिए कि सप्ताह में तीन दिन बच्चों को बुलाए। तीन दिन घर पर ऑनलाइन पढ़ाई हो। इससे वह कमजोर नहीं पड़ेगा।
डीके खरे, अध्यक्ष, निजी स्कूल एसोसिएशन।

-सरकार का जो आदेश आएगा उसका पालन कराया जाएगा। नवीन शिक्षण सत्र को लेकर तैयारी शुरू हो गई। कक्षा 1वीं से 5वीं तक की कक्षा यदि तीन माह देरी से शुरू होती है तो ब"ाों को पढ़ाने मोबाइल के अलावा रेडियो का सहारा लिया जाएगा। इससे जिन ब"ाों के पास मोबाइल नहीं होगा वे इस माध्यम से अधिक से अधिक पढ़ाई कर सकेंगे।
एनपी दुबे, एपीसी।

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