पॉलीटेक्निक कॉलेज में छात्रावास, ऑडिटोरियम हॉल और स्टॉफ क्वार्टर का होगा निर्माण

खुलने के चार साल बाद बनी रूपरेखा, कॉलेज प्रबंधन ने पीआइयू से तैयार कराया स्टीमेट, भेजा तकनीकी शिक्षा विभाग को

 

By: dharmendra pandey

Published: 29 Mar 2019, 10:26 AM IST

कटनी. शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों व स्टॉफ के लिए अच्छी खबर है। यहां के स्टॉफ को किराये के घरों में नही रहना पड़ेगा। इसके अलावा कॉलेज में पढ़ाई के लिए दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को भी रहने के लिए किराये का मकान व सांस्कृतिक कार्यक्रमों कराने के लिए कॉलेज प्रबंधन को भी परेशान नहीं होना पड़ेगा। इन सब समस्याओं से जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। जिला जेल झिंझरी के पीछे बने कॉलेज परिसर में ही छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक ऑडिटोरियम हॉल व स्टॉफ के लिए क्वार्टर बनवाया जाएगा। खुलने के चार साल बाद कॉलेज परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले विस्तार कार्य को लेकर रूपरेखा भी तैयार हो गई है। कॉलेज प्रबंधन ने इसके लिए पीआइयू विभाग से स्टीमेट तैयार करवाकर मंजूरी के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग भोपाल को फाइल भेज दी है। उल्लेखनीय है कि कॉलेज परिसर में छात्रावास, स्टॉफ क्वार्टर व ऑडिटोरियम हॉल नहीं होने के कारण बाहर से पढ़ाई करने आए छात्रों व शिक्षकों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके अलावा बैठक व्यवस्था नही होने की वजह कॉलेज प्रबंधन कोई सांस्कृति कार्यक्रम भी नहीं करा पाता है।
14 स्टॉफ क्वार्टर व 50-50 सीटर के छात्रावासों का होगा निर्माण:
कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक उनके पास 8.40 एकड़ से अधिक जमीन है। इसी जमीन पर परिसर में ही छात्र-छात्राओं के रहने के लिए 50-50 सीटर के छात्रावास बनवाए जाएंगे। स्टॉफ के रहने के लिए 14 क्वार्टर बनाए जाएंगे। कॉलेज परिसर में ही छात्रावास बन जाने के कारण छात्र-छात्राओं को कोई असुविधा नहीं होगी। हर समय निगरानी में रहेंगे।
रुपये की लागत से होंगे निर्माण कार्य:
-297 लाख 56 हजार रुपये की लागत से 14 स्टॉफ क्वार्टर।
-576 लाख 81 हजार रुपये से बालक व बालिका वर्ग के लिए छात्रावास।
-375 लाख 76 हजार रुपये की लागत से ऑडिटोरियम हॉल बनाया जाएगा।

इनका कहना है:
कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक ऑडिटोरियम हॉल व स्टॉफ क्वार्टर के लिए पीआइयू से स्टीमेट तैयार करवाकर तकनीकी शिक्षा विभाग भोपाल भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
एमएससी उज्जीर, प्राचार्य, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज।
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