कोरोना का खौफ: ट्रैक में खाद्य सामग्री के रैपर और खाली बॉटलों से दहशत में रेलकर्मी, इस अव्यवस्था से भी परेशान

तेलंगाना से मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन जब कटनी पहुंची तो इस दौरान व्यवस्था में लगे स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी पीपीइ किट के साथ दिखे, लेकिन रेलवे व आरपीएफ के अधिकारी-कर्मचारी बगैर सुरक्षा उपायों के नजर आए। प्रतिदिन 7 से 8 जोड़ी ट्रेनें मजदूरों को लेकर कटनी से गुजर रहीं हैं। कई राज्यों से मजदूरों को घर वापसी कराने स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

By: balmeek pandey

Published: 10 May 2020, 08:02 AM IST

कटनी. तेलंगाना से मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन जब कटनी पहुंची तो इस दौरान व्यवस्था में लगे स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी पीपीइ किट के साथ दिखे, लेकिन रेलवे व आरपीएफ के अधिकारी-कर्मचारी बगैर सुरक्षा उपायों के नजर आए। प्रतिदिन 7 से 8 जोड़ी ट्रेनें मजदूरों को लेकर कटनी से गुजर रहीं हैं। कई राज्यों से मजदूरों को घर वापसी कराने स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इनमें यात्रा करने वाले यात्री ट्रैक पर खाद्य सामग्री के रैपर, पानी का बोतलें आदि फेंक रहे हैं, इससे रेलवे के कर्मचारी खौफजदा हैं। इनमें भोजन और पानी का इंतजाम किया जा रहा है। रेल यूनिटों में प्रतिदिन सैकड़ों कर्मचारी काम कर रहे हैं। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने से दहशत कर्मचारी में हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि कोई यात्री संक्रमित होगा तो फिर ट्रैक पर काम करना बड़ी चुनौती है। उन्हें पीपीइकिट, ग्लब्स आदि का इंतजाम नहीं किया गया। सिग्नल कर्मचारी, प्वाइंट्स मैन को भी डर बना रहता है। यूआर-रैक में ज्यादा भीड़ रहती है इसमें 50 से अधिक लोग रहते हैं। 10 यूनिट एनकेजे, कटनी में एक, कटनी साउथ में एक, कटनी मुड़वारा में एक यूनिट हैं, पटवारा में दो यूनिट सहित अन्य जगह में काम कर रही हैं। एक-एक यूनिट में 15 से 20 कर्मचारी काम कर रहे हैं। कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी नहीं की जा रही।

मास्क और सेनेटाइजर के भी नहीं पर्याप्त इंतजाम
रेल कर्मचारियों ने बताया कि विषम परिस्थितियों में रेलवे द्वारा उनसे काम तो लिया जा रहा हैं, लेकिन व्यवस्था माकूल नहीं हैं। पर्याप्त मात्रा में मास्क भी मुहैया नहीं कराए जाते। यहां पर अधिकांश कर्मचारी गमछा आदि से काम चलाते हैं। पर्याप्त सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं रहती जिससे हाथों को समय-समय पर सेनेटाइज नहीं कर पाते। ऐसे में समस्या उस समय होती है जब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाता। कई बार काम के दौरान कर्मचारियों को एक-दूसरे के संपर्क में आना पड़ता है, उस समय डर बना रहता है।

इनका कहना है
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा, इससे कर्मचारियों के लिए खतरा है। लॉकडाउन के नियमों का पालन हो। कई जगह से मजदूर कटनी आ रहे हैं। रेलवे के कर्मचारियों को भी पीपीइ किट मिलनी चाहिए। रेल कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
एसएन शुक्ला, मंडल अध्यक्ष डब्ल्यूसीआरएमएस।

मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था सभी रेल अधिकारी-कर्मचारियों के लिए की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो रहा है। जहां पर नहीं हो रहा वहां कराया जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य हों इस पर पहल होगी।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ।

Coronavirus in india Coronavirus Outbreak
Show More
balmeek pandey Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned