अफसरों की इस छोटी गलती से राशन को मोहताज हजारों लोग, गजब की है बेपरवाही

मैपिंग ने रोका ३३५३ परिवारों का राशन, नगर निगम ने एक साल बाद भी नहीं भेजी राशन दुकानों की जानकारी, रोजगार सहायक और सचिवों ने भी बरती लापरवाही

By: balmeek pandey

Published: 27 Jan 2018, 10:11 AM IST

कटनी. गरीबों को उचित मूल्य की दुकान में सस्ते रेट पर अनाज मिल सके जिससे वह परिवार का भरण-भोषण कर सकें इस मंशा से गरीबों की कैटेगरी निर्धारित की गई है। गरीबी रेखा व अति गरीबी के कार्ड बने हैं। लेकिन ये दोनों कैटेगरी के हजारों गरीब परिवार लगभग एक साल से प्रशासनिक बेपरवाही का दंश झेल रहे हैं। शहरी क्षेत्र समेत जिले भर के ३ हजार ३५३ परिवार को राशन मिलने का इंतजार हैं। गरीब हितग्राहियों का नाम बीपीएल कार्ड में तो जुड़ गया है, लेकिन योजना का लाभ नहीं मिल रहा। नियम के अनुसार हितग्राही का राशन तैयार होने के बाद नगर निगम व ग्राम पंचायतों को खाद्य विभाग को यह जानकारी भेजनी थी कि वह किस राशन दुकान से राशन लेगा। इसके बाद कार्ड से समग्र आईडी को जोड़ा जाना है। यह कार्रवाई शहरी क्षेत्र में नगर निगम के माध्यम से होनी थी। इसके बाद खाद्य विभाग को मैपिंग कराया जाना था। मैपिंग के बाद ही पात्र-अपात्र की श्रेणी बनना है। लेकिन जिले में यह कार्रवाई सिर्फ पत्राचार तक सीमित है। मैपिंग में हो रही लेटलतीफी का दंश गरीबों को झेलना पड़ रहा है और पात्रता पर्ची जारी ही नहीं हो रही।

शहर में २८५३ परिवार राशन से वंचित
शहर क्षेत्र में निवास करने वाले गरीब और अतिगरीब नगर निगम की लापरवाही का दंश झेल रहे हैं। लगभग एक साल से २८५३ परिवारों को उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलने का इंतजार है। शहर के वार्ड क्रमांक १ में ९८, वार्ड क्रमांक २ में ३५, वार्ड क्रमांक ३ में १३, वार्ड क्रमांक ४ में ८१, वार्ड क्रमांक ६ में ८, वार्ड क्रमांक ८ में ४, वार्ड क्रमांक ९ में २, वार्ड क्रमांक १० में ५, वार्ड क्रमांक ११ में ११, वार्ड क्रमांक १२ में २, वार्ड क्रमांक १३ में २४, वार्ड क्रमांक १४ में १३, वार्ड क्रमांक १५ में ३३, वार्ड क्रमांक १६ में ४, वार्ड क्रमांक १७ में २, वार्ड क्रमांक १८-१९ में २६-२६, वार्ड क्रमांक २१ में वार्ड क्रमांक २२ में १, वार्ड क्रमांक २३ १४, वार्ड क्रमांक २४ में ३३, वार्ड क्रमांक २५ में ४, वार्ड क्रमांक २७ में ७, वार्ड क्रमांक ३० में ३३, वार्ड क्रमांक ३५ में एक, वार्ड क्रमांक ३६ में ४, वार्ड क्रमांक ३७ में ६, वार्ड क्रमांक ३९ में १९, वार्ड क्रमांक ४० में १४, वार्ड क्रमांक ४१ में ५, वार्ड क्रमांक ४२ में ४, वार्ड क्रमांक ४३ में १६, वार्ड क्रमांक ४५ में १४ परिवार राशन से वंचित हैं।

८ वार्डों में सबसे ज्यादा परिवार
शहर के ८ वार्डों में सबसे ज्यादा परिवार राशन से वंचित हैं। ये हितग्राही हर माह राशन दुकान व नगर निगम पात्रता पर्ची के लिए चक्कर काट रहे हैं। वार्ड क्रमांक २८ में ६०९, वार्ड क्रमांक २९ में ९२, वार्ड क्रमांक ३१ १०९, वार्ड क्रमांक ३२ में ६४६, वार्ड क्रमांक ३३ में ४०९, वार्ड क्रमांक ३४ में ५६, वार्ड क्रमांक क्रमांक ३८ में १४५, वार्ड क्रमांक ४४ में २२४ परिवारों की मैपिंग न होने से परिवार राशन से वंचित हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में भी समस्या
मैपिंग की समस्या सिर्फ शहर में ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में भी है। रोजगार सहायक और ग्राम पंचायत सचिवों की लापरवाही के कारण अबतक गरीबों को राशन नहीं मिल रहा। जबकि ४-५ माह से लेक एक साल से अधिक का समय गरीबी रेखा व अति गरीबी का कार्ड बने बीत गया है। बड़वारा, बरही, विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद तहसील के ५०० परिवारों का मैपिंग का कार्य नहीं हो पाया। जिम्मेदारों की बेपरवाही के कारण हितग्राही सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं।

इनका कहना है
जिले में लगभग साढ़े ३ हजार परिवारों को राशन नहीं मिल पा रहा। इसकी वजह है नगर निगम व ग्राम पंचायतों द्वारा हितग्राहीवार राशन दुकान की जानकारी न देना। जानकारी के अभाव में विभाग द्वारा मैपिंग कार्य नहीं हो पा रहा। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
केएस भदौरिया, प्रभारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।

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