झिंझरी में सस्ते दर पर आवासीय प्रोजेक्ट की एक माह में नहीं खुली फाइल

दस साल से चल रही 210 एकड़ की आवासीय योजना को फरवरी माह में कर दिया बंद, छोटे प्रोजेक्ट बनाने में सामने आई जिम्मेदारों की बेपरवाही.

- आवासीय योजना में विलंब से निजी बिल्डरों को लाभ, नागरिकों ने कहा यह कैसा विभाग, जिसकी एक भी योजना दस साल में जमीन पर नहीं उतरी.

 

By: raghavendra chaturvedi

Published: 06 Apr 2021, 10:08 AM IST

कटनी. मध्यमवर्गीय परिवारों को निजी बिल्डरों की तुलना में कम कीमत पर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कटनी विकास प्राधिकरण की योजना फाइलों से बाहर ही नहीं निकल पा रही है। केडीए द्वारा झिंझरी में 2011 से 210 एकड़ क्षेत्रफल में प्रस्तावित योजना पर काम किया जा रहा है।

दस साल में इस योजना में प्रगति नहीं आने के बाद राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट को फरवरी माह में बंद कर दिया। अब केडीए ने झिंझरी में ही छोटे-छोटे आवासीय व व्यवसायिक प्रोजेक्ट पर काम करने निर्णय लिया।

कलेक्टर ने मार्च माह में एसडीएम व केडीए के इंजीनियर को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जाए। इसके बाद भी केडीए के जिम्मेदार बेपरवाह बने रहे। नए प्रोजेक्ट पर एक माह के दौरान कुछ भी काम नहीं हुआ।

कटनी से जबलपुर रोड पर जिला न्यायालय के समीप स्थित 210 एकड़ में प्रस्तावित आवासीय व व्यवासियक प्रोजेक्ट को बिल्डरों के इशारे पर लेट करने के आरोप लगते रहे हैं। अब केडीए से जुड़े अफसर एक बार फिर प्रोजेक्ट की गति धीमी होने के पीछे स्टॉफ में कमीं के साथ ही कोविड-19 को कारण बता रहे हैं।

केडीए ने झिंझरी में 2011 में आवासीय योजना प्रारंभ की। 2013 से 2015 तक जमीन के भूमि अधिग्रहण का प्रकाशन हुआ। 2015 से 2018 तक पर्यावरण की एनओसी लेने की प्रक्रिया चली और 2018 से जनवरी 2021 तक नगर निगम से एनओसी लेने के लिए प्रक्रिया चली।

नगर निगम ने एनओसी के विकास अनुज्ञा शुल्क मांगी और इतना बजट नहीं होने की बात कहकर केडीए ने फाइल ठंडे बस्ते में डाल दिया। 24 फरवरी 2021 की बैठक में योजना को बंद करने का निर्णय ले लिया गया। प्रोजेक्ट को लेकर शहर के नागरिक सरकारी विभाग केडीए की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। कह रहे हैं यह कैसी योजना है जो दस साल में जमीन में नहीं उतरी।

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि केडीए की 85.6 हेक्टेयर की आवासीय योजना प्रदेश सरकार से बदले गए नियमों के कारण बंद हुआ है। छोटे प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पता करते हैं केडीए के सीइओ ने इसमें क्या काम किया है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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