गोयल इंडस्ट्री में छापे की आई जांच रिपोर्ट, धना मिला मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक, खड़ा हुआ बड़ा सवाल

टेस्टी नमक और जीरा में भी मिली गड़बड़ी, कीड़ायुक्त मिला था 25 बोरी धना

By: balmeek pandey

Published: 13 Jan 2021, 09:03 AM IST

कटनी. खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा 5 दिसंबर को कटायेघाट इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित गोयल इंडस्ट्री संचालक महिला अग्रवाल की फैक्ट्री में दबिश दी थी। यहां पर छापामारी के दौरान प्यापक पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। 18 बोरी कीड़ायुक्त धनिया जब्त किया गया था। खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग द्वारा फैक्ट्री का काम देख रहे रोहित अग्रवाल के समक्ष तीन नमूने लिए थे। खड़ा धना, टेस्टी नमक व जीरा डंठल का नमूना लेकर राज्य परीक्षण प्रयोग शाला भेजा गया था। जिसकी जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि धना पूरी तरह से असुरक्षित पाया गया है जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। कीटयुक्त धना से मसाला तैयार करने व इसे बेचने पर इसके उपयोग से मानव के शरीर में घातक परिणाम सामने आएंगे। इससे डाइजेशन सिस्टम बिगड़ जाएगा और पेट खराब होने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा। वहीं इस पूरे मामले में सुरक्षा अधिकारियों की कार्रप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि अभी तक गोयल इंडस्ट्री के संचालक पर एफआइआर दर्ज नहीं हुई।

जीरा डंठल मिला मिथ्याछाप
जांच रिपोर्ट में जीरा पूरी तरह से अपदृव्य पाया गया है। जिसमें पूरी तरह से मिलावट है। छापे के दौरान यह बात सामने आई थी कि फैक्ट्री में डंठल का उपयोग टेस्टी नमक में किया जाता है। इसके अलावा मिर्ची की रिपोर्ट भी मिथ्याछाप पाई गई है। हैरानी की बात तो यह है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा हाल के दो-तीन माह में की गई कार्रवाई के दौरान जहां भी अमानक धनिया, दालचीनी आदि मिली है उन संचालकों पर एफआइआर दर्ज कराई गई है, लेकिन गोयल इंडस्ट्री के मालिक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा माधवनगर में दीपक गोयल साईं ट्रेडर्स के यहां तेल की जांच रिपोर्ट में एसिड वैल्यू अधिक मात्रा में पाया गया है जो कि मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

89 सेम्पल की जांच में दो मिले अमानक
खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग द्वारा इन दिनों शहर में विशेष जांच की जा रही है। संभाग से चलित मोबाइल लैब पहुंची है। जिसमें मौके पर ही खाद्य सामग्री की जांच हो रही है। मंगलवार को सुभाष चौक में मोबाइल लैब पहुंची। यहां पर लैब के कर्मचारियों से खाद्य सामग्री के सेम्पलों की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके दुबे, अशोक कुर्मी, संजय गुप्ता की उपस्थिति में जांच की गई। 100 से अधिक सेम्पलों की जांच हुई। इसके अलावा सोमवार को माधवनगर में 89 सेम्पल लिए गए। जांच के दौरान दो अमानक निकले। जांच में एक केक व एक मगज अमानक पाया गया। जिस पर संचालक को हिदायत देकर सुधार के निर्देश दिए गए। बता दें कि तीन दिनों तक अभी और मोबाइल लैब जिले में रहेगी। प्रतिष्ठानों से सेम्पल लेकर जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके दुबे ने बताया कि लोग अपने घर से भी लोकर खाद्य सामग्री की जांच मात्र 10 रुपये शुल्क जमा कर करा सकते हैं।

इनका कहना है
जांच रिपोर्ट में धना असुरक्षित पाया गया है। जीरा डंठल और मिर्च भी मिथ्याछाप पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। साईं ट्रेडर्स के मामले में संचालक को सेंटर लैब से भी जांच करवाने कहा गया है। एसिड वैल्यू अधिक होने पर एडीएम कोर्ट में मामला जाएगा, जहां से पांच लाख रुपये का जुर्माना होगा।
डीके दुबे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।

balmeek pandey Reporting
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